7 साल की उम्र में छोड़ दी दुनिया पर तब तक कर गया कमाल का काम

कुछ कर गुजरने के लिए पूरी जिंदगी की जरूरत नहीं होती। इस बात को साबित किया है केरल के कोच्चि में जन्में एडमंड थोमस क्लिंट ने

By: सुभेश शर्मा

Published: 01 Oct 2015, 04:09 PM IST

दुर्ग। कुछ कर गुजरने के लिए पूरी जिंदगी की जरूरत नहीं होती। इस बात को साबित किया है केरल के कोच्चि में जन्में एडमंड थोमस क्लिंट ने। एडमंड की सात वर्ष की उम्र में मौत हो गई थी, लेकिन अपने जीवन के 2522 दिनों में उसने वो कारनामा कर के दिखाया है जो बड़े-बड़े नहीं कर पाते हैं। एडमंड ने अपने सात सालों के जीवन में 25 हजार से ज्यादा खूबसूरत पेंटिग्स बनाई है।

19 मई, 1976 को जन्मे एडमंड ने पूरी दुनिया को अपनी आर्ट का मुरीद बनाया है। उसने ऐसे काम किए हैं जिससे उसके इस दुनिया में ना रहने के बाद भी लोग उसे याद रखते हैं। एडमंड ने 15 अप्रैल, 1983 को अपने सातवें जन्मदिन से एक महीना पहले दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन अपने पीछे वो 25 हजार खूबसूरत पेंटिंगों का खजाना छोड़ गया। एडमंड जब दो साल का था उसने तभी से पेंटिंग करनी शुरु कर दी थी और वह हर एक जरिए की मदद से पेंटिंग्स बनाता था, जो कि असल में वो दुनिया होती थी जो वो अपनी नजरों से देखता था। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बीच एडमंड ने फर्स्ट प्राइज जीता था। उस वक्त वह महज पांच साल के ही थे।

उसकी पेंटिंग्स से झलकता था कि उसे जानवरों के बॉडी लैंगवेज की गहरी समझ थी। 80 के दशक में जब सड़कों पर सिर्फ एम्बैस्डर और फिए गाडिय़ां ही दिखती थी एडमंड ने अपनी पेंटिंग में एक ऐसी कार की तस्वीर बनाई जोकि आज 30 सालों बाद सड़कों पर नजर आती है। जिन पेंटिंगों को बनाने के लिए पेंटर्स को सालों पढ़ाई और रिसर्च करनी पड़ती थी, उस तरह की पेंटिंग्स एडमंड बिना किसी परेशानी के बना देता था।
सुभेश शर्मा
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