कांग्रेस सेन्ट्रल स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में जब जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर आपस में भिड़ गर्इं...

कांग्रेस सेन्ट्रल स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में जब जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर आपस में भिड़ गर्इं...

Satya Narayan Shukla | Publish: Sep, 04 2018 11:39:55 PM (IST) Durg, Chhattisgarh, India

भाजपा का विजय रथ रोककर प्रदेश में सरकार बनाने की कवायद कर रही कांग्रेस की एकजुटता टिकट से पहले ही तार-तार हो गई। टिकट से पहले दावेदारों की परख करने पहुंचे सेन्ट्रल स्क्रीनिंग कमेटी के मेम्बर के सामने ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष और भिलाई की पूर्व महापौर उलझ गईं।

दुर्ग. भाजपा का विजय रथ रोककर प्रदेश में सरकार बनाने की कवायद कर रही कांग्रेस की एकजुटता टिकट से पहले ही तार-तार हो गई। टिकट से पहले दावेदारों की परख करने पहुंचे सेन्ट्रल स्क्रीनिंग कमेटी के मेम्बर के सामने ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष और भिलाई की पूर्व महापौर उलझ गईं। कमरे से बाहर जाने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आसपास बैठे बड़े नेताओं को मामले में हस्तक्षेप कर दोनों का शांत कराना पड़ा। इससे करीब 10 मिनट के लिए माहौल गरमा गया। बाद में दोनों शांत हो गए और मामले को सामान्य बातचीत करार देकर चुप्पी साध ली।

तुलसी साहू और पूर्व महापौर नीता लोधी दोनों भिलाई के लिए दावेदार

घटना के समय स्क्रीनिंग कमेटी के मेंबर रोहित चौधरी और एआइसीसी मेंबर व प्रदेश प्रभारी सचिव चंदन यादव कांग्रेस भवन में अध्यक्ष के कक्ष में बैठकर दावेदारों और कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा कर रहे थे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सामने हॉल में कतारबद्ध अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। स्क्रीनिंग कमेटी से मिल चुके कई नेता भी हॉल में ही बैठे थे। इससे भीड़ हो गई थी।कार्यकर्ताओं की शिकायत पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तुलसी साहू हॉल में पहुंची और स्क्रीनिंग कमेटी से मिल चुके नेताओं को बाहर जाने के लिए कहा। यह बात भिलाई की पूर्व महापौर नीता लोधी को नागवार गुजरा और वे जिला अध्यक्ष पर बिफर पड़ी। उनका कहना था कि इस तरह किसी को भी बाहर नहीं निकाला जा सकता। जिला अध्यक्ष तुलसी साहू और पूर्व महापौर नीता लोधी दोनों भिलाई के लिए टिकट की दावेदारी भी हैं।

समर्थकों के हुजूम लेकर पहुंचे दावेदार
इधर स्क्रीनिंग कमेटी की मौजूदगी के कारण कांग्रेस भवन का नजारा अलग ही रहा। सामान्य तौर पर बैठकों में अकेले पहुंचने वाले नेता भी समर्थकों का हुजूम लेकर पहुंचे। पहले से चेतावनी के कारण कांग्रेस भवन में शक्ति प्रदर्शन अथवा नारेबाजी जैसी स्थिति नहीं बनी,लेकिन नेता ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कमेटी के सामने भेजकर दावेदारी पुख्ता कराने की कोशिश करते रहे।

चुनाव प्रचार की तर्ज पर कार्यकर्ताओं को रिझाते रहे नेता
स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के दौरान भी नेता सक्रिया रहे। कक्ष के बाहर कतारबद्ध कार्यकर्ताओं से मिलकर दावेदार चुनाव प्रचार की तर्ज पर स्क्रीनिंग कमेटी के सामने अपने लिए सिफारिश करने की मनुहार करते रहे। इस उपक्रम में तमाम नेता पूरे समय हॉल में ही डटे रहे। इसी के चलते उपजी अव्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बनी।

जाने से पहले दिलाया पारदर्शिता का भरोसा
कमेटी के मेंबरों ने दोपहर ढाई बजे तक कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की। इसके बाद कांग्रेस भवन में नेताओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। इसमें स्क्रीनिंग कमेटी मेंबर चौधरी ने नेताओं को टिकट चयन में पूरी पादर्शिता का भरोसा दिलाया। प्रदेश के प्रभारी सचिव यादव ने एकजुटता के साथ चुनाव की तैयारी में जुट जाने की समझाइश दी।

हॉल में जगह कम पड़ रही थी
दुर्ग जिसा कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष तुलसी साहू ने कहा कि इसमें विवाद जैसी कोई बात नहीं थी। हॉल में जगह कम पड़ रही थी, इसलिए पहले मुलाकात कर चुके कार्यकर्ताओं को बाहर जाने के लिए कहा गया था। संभवत:नीता लोधी ने कुछ और समझ लिया था। कांग्रेस का हर नेता व कार्यकर्ता एकजुट है।

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