भाजपा चुनाव प्रभारी के सामने भिड़े जिला और पूर्व मंडल अध्यक्ष, बीच-बचाव करने पहुंचीं महापौर से भी जमकर तू-तू, मैं-मैं

भाजपा में मंडल अध्यक्षों के चुनाव को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। शुक्रवार को नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर मंडल अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई थी। (Durg News)

By: Dakshi Sahu

Updated: 16 Nov 2019, 09:50 AM IST

दुर्ग. भाजपा (Chhattisgarh BJP) में मंडल अध्यक्षों के चुनाव को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। शुक्रवार को नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर मंडल अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में मंडल चुनाव को लेकर फिर आक्रोश फूटा। प्रदेश आलाकमान की ओर से बैठक लेने आए नगरीय निकाय चुनाव प्रभारी व जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना के सामने ही जिला भाजपा अध्यक्ष ऊषा टावरी से पूर्व मंडल अध्यक्ष काशीनाथ शर्मा भिड़ गए।

घर से संगठन चलाने का लगाया आरोप
मंडल अध्यक्षों के एकतरफा चुनाव से नाराज काशीनाथ ने जिला अध्यक्ष टावरी को घर से संगठन चलाने का आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। मामले में हस्तक्षेप करते हुए महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने विवाद रोकने का प्रयास किया तो काशीनाथ उन पर भी बिफर गए। करीब 15 मिनट विवाद के बाद मामले में प्रभारी संतोष बाफना को हस्तक्षेप करना पड़ा। तब मामला शांत हुआ।

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निगम चुनाव की तैयारी के लिए बुलाई थी बैठक
प्रदेश संगठन के निर्देश पर शुक्रवार को जिला भाजपा कार्यालय में दुर्ग नगर निगम चुनाव की तैयारियों की समीक्षा व रणनीति तैयार करने के लिए प्रभारी संतोष बाफना ने नगरीय क्षेत्र के मंडल अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। बैठक में नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों के साथ पूर्व मंडल अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी के अलावा नगरीय क्षेत्र के जिला पदाधिकारी बुलाए गए थे।

बाफना जैसे ही पहुंचे और बैठक की कार्रवाई शुरू हुई पूर्व मंडल अध्यक्ष काशीनाथ अपनी जगह पर खड़े हो गए और मंडल अध्यक्षों के चुनाव पर सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने जिला अध्यक्ष पर घर से संगठन चलाने और पार्टी को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर जिला अध्यक्ष ऊषा टावरी ने भी उन्हें जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर विवाद बढ़ गया। बैठक में पदाधिकारियों की उपस्थिति भी कम रही।

नए मंडल अध्यक्ष नहीं बना सकेंगे कार्यकारिणी
बैठक में नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों को प्रभारी बाफना की घोषणा से झटका लगा। बाफना ने कार्यकर्ताओं की मांग पर यह ऐलान किया कि प्रदेश आलाकमान के निर्देश के अनुसार नए मंडल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, लेकिन वे अपनी कार्यकारिणी की घोषणा नहीं कर पाएंगे। इसकी जगह उन्हें पुरानी कार्यकारिणी के साथ काम करना पड़ेगा।

पूर्व मंडल अध्यक्ष की टिकट चयन में रहेगी भागीदारी
बैठक में बाफना ने यह ऐलान भी किया कि पूर्व कार्यकारिणी की तरह प्रदेश आलाकमान के फैसले तक सभी पूर्व मंडल अध्यक्ष भी पावरफूल रहेंगे। निकाय चुनाव के लिए टिकट तय करने दावेदारों के नामों का पैनल तैयार करने में उनकी राय ली जाएगी।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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