सीएम भूपेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पलीता, डेढ़ माह में शुरू नहीं कर पाई मॉडल गोठान निगम की कांग्रेस सरकार

सीएम भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर उनके ही दल के नेता गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महापौर धीरज बाकलीवाल के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान तत्काल प्रभाव से गौठान शुरू करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन इसके करीब डेढ़ माह बाद भी शहर का मॉडल गोठान शुरू नहीं हो पाया है।

By: Hemant Kapoor

Updated: 18 Feb 2020, 04:17 PM IST

दुर्ग. सीएम भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर उनके ही दल के नेता गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महापौर धीरज बाकलीवाल के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान तत्काल प्रभाव से गौठान शुरू करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन इसके करीब डेढ़ माह बाद भी शहर का मॉडल गोठान शुरू नहीं हो पाया है। हालात यह है कि गौठान में चारा और पानी की व्यवस्था तक नहीं हो पाई है।


11.14 लाख से 5 एकड़ में बनाया गोठान
सीएम भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के तहत पूरे प्रदेश में गोठान योजना चलाई जा रही है। इसी के तहत निगम प्रशासन द्वारा पुलगांव में गोकुल नगर के पास 10.14 लाख की लागत से मॉडल गोठान बनाया गया है। करीब साढ़े 5 एकड़ के गौठान में पशुओं के लिए शेड, फिलिंग व फेंसिंग बनाया गया है। गोठान का निर्माण कर पिछले साल जुलाई में शुरू किया जाना था, लेकिन फंड का रोड़ा बताकर बंद दिया गया।


धरपकड़ अभियान में भी खानापूर्ति
सीएम भूपेश बघेल ने महापौर धीरज बाकलीवाल को 9 जनवरी को पदभार ग्रहण कराने के बाद अपने भाषण में आवारा मवेशियों के सड़कों पर घूमने से होने वाली परेशानी, दुर्घटना और जनहानि की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्राथमिकता के आधार पर इनके धरपकड़ का अभियान चलाने कहा था, लेकिन केवल खानापूर्ति की जा रही है।


बैठक और निरीक्षण में सिमटी कार्रवाई
सीएम भूपेश बघेल के लौटने के तत्काल बाद देर शाम महापौर धीरज बाकलीवाल ने भी पहल करते हुए अफसरों की बैठक ली और तत्काल आवारा मवेशियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। इसके दूसरे दिन उन्होंने विधायक अरुण वोरा के साथ गोठान जाकर स्थिति का अवलोकन भी किया। इस दौरान विधायक ने फंड के लिए प्रमुख सचिव आरपी मंडल से भी मोबाइल पर बात की, लेकिन इससे आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी।


चारा दान की घोषणा कर भूले महापौर और पार्षद
सीएम के लौटने के बाद बैठक में अफसरों को निर्देश देते हुए महापौर ने मवेशियों के लिए तात्कालिक व्यवस्था के रूप में 5 दिन का चारे की व्यवस्था खुद करने का ऐलान किया था। इसी तरह मेयर इन काउंसिल के सदस्य हमीद खोखर ने भी 2 दिन का चारा दान करने का ऐलान किया था, लेकिन डेढ़ माह बाद भी न तो महापौर और एमआईसी मेेम्बर का चारा पहुंचा और न ही निगम की ओर से अफसरों ने व्यवस्था कराई।


जल्द बुलाने की तैयारी
मामले में महापौर धीरज बाकलीवाल का कहना है कि गोठान जल्द से जल्द शुरू करने की योजना है। चारे की व्यवस्था के लिए संस्था संगठनों की मदद ली जाएगी। इसके लिए इसी सप्ताह बैठक बुलाई जाएगी। इसके अलावा गोठान की गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़कर काम शुरू कराया जाएगा। इसके लिए भी जल्द बैठक बुलाकर रायशुमारी की जाएगी।

Hemant Kapoor Bureau Incharge
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