जब मंत्री ने अधिकारियों के सामने कोरोना मरीज को किया फोन, अव्यवस्थाओं की ऐसी खुली पोल, पानी-पानी हो गए अफसर

जुनवानी के शंकराचार्य अस्पताल में कोरोना के मरीजों को घटिया खाना परोसे जाने पर शुक्रवार को प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर के सामने जमाकर बवाल मचा। मंत्री के सामने मरीजों को परोसी गई जली हुई रोटियों और घटिया चावल के साथ अस्पताल में पसरी गंदगी की फोटो रख दी गई। (Chhattisgarh coronavirus hospital)

By: Dakshi Sahu

Updated: 05 Sep 2020, 11:16 AM IST

दुर्ग. जुनवानी के शंकराचार्य अस्पताल में कोरोना के मरीजों को घटिया खाना परोसे जाने पर शुक्रवार को प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर के सामने जमाकर बवाल मचा। हालात यह रहा कि मंत्री के सामने मरीजों को परोसी गई जली हुई रोटियों और घटिया चावल के साथ अस्पताल में पसरी गंदगी की फोटो रख दी गई। इस पर भड़के प्रभारी मंत्री ने सिलसिलेवार संबंधित लोगों की क्लास लगाई और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और निर्माण व विकास कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली। करीब दो घंटे चली बैठक में आधे घंटे से ज्यादा समय तक शंकराचार्य के घटिया खाना का मुद्दा गरमाया रहा। समीक्षा के दौरान जैसे ही शंकराचार्य हॉस्पिटल का जिक्र आया, बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधि पिल पड़े। नेताओं का आरोप था कि हॉस्पिटल में कोरोना के मरीजों को कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही। खाने की हालत यह है कि बीमार तो दूर कोई भी सामान्य व्यक्ति भी नहीं खा सकता। अस्पताल की सफाई तक नियमित नहीं कराई जा रही है। नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी के भी आरोप लगाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने जोरदार नाराजगी जाहिर की।

दिखाई जली रोटियों की फोटो
बैठक में सर्वाधिक नाराजगी शंकराचार्य अस्पताल में परोसे जा रहे खाने को लेकर सामने आई। अफसरों ने इस पर व्यवस्था सुधार लेने का दावा किया। इससे बैठक में मौजूद कई जनप्रतिनिधि भड़क गए और उन्होंने मरीजों द्वारा अस्पताल से भेजी गई जली हुई रोटियों की फोटो भी दिखाई। अस्पताल में गंदगी के फोटो भी दिखाए गए।

मंत्री ने खुद की मरीज से बात
शिकायतों पर अफसरों की सफाई के बीच सच्चाई जानने प्रभारी मंत्री ने अस्पताल में भर्ती किसी मरीज से सीधे बात कराने कही। इस पर अफसरों ने किसी का नंबर होने से इनकार कर दिया। इस पर भिलाई के पार्षद लक्ष्मीपति राजू ने 28 साल की महिला मरीज से मंत्री की बात कराई। मरीज ने प्रशासन के तमाम दावों की पोल मंत्री के सामने खोल कर रखी दी।

पत्रिका ने किया था खुलासा
शंकराचार्य अस्पताल में मरीजों को जली हुई रोटियां और घटिया खाना परोसे जाने का खुलासा किया था। इस संबंध में पत्रिका में विस्तारपूर्वक समाचार प्रकाशित होने के बाद एक दिन पहले ही कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, विधायक देवेंद्र यादव, एसपी प्रशांत ठाकुर और भिलाई कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी ने अस्पताल पहुंचकर खाना खाकर भी देखा था।

खुलासे के बाद बदला खाना
बैठक में मंत्री के जवाब तलब करने पर इस बात का भी खुलासा हुआ कि पत्रिका की खबर के बाद अस्पताल में खाने पहुंचाने वाले व्यक्ति को बदल दिया गया है। इसके साथ ही दूसरी व्यवस्थाओं की शिकायत के मद्देनजर दुर्ग निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन को केंद्र का नोडल अधिकारी बनाया गया है। खबर के बाद शुक्रवार को टीम भेजकर अस्पताल की विशेष सफाई भी कराई गई।

निर्माण और विकास कार्यों में लेटलतीफी का मुद्दा भी उठा
बैठक में प्रभारी मंत्री ने निर्माण और विकास कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान विधायक अरुण वोरा ने दुर्ग नगर निगम में निर्माण कार्यों में लेटलतीफी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अमृत मिशन, शंकर नाला निर्माण, पुलगांव नाला डायवर्सन, ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण, यूनिशेड निर्माण, सर्वसुविधायुक्त गौठान के निर्माण में विलंब हो रहा है। इसके अलावा अधोसंरचना, सांसद, विधायक व प्रभारी मंत्री के निधि के कार्य भी शुरू नहीं कराए जा रहे हैं। गरीबी रेखा के सर्वे की मांग के साथ ही 3500 सीटर इंडोर स्टेडियम व स्वीमिंग पूल के स्थल चयन शीघ्र करने कहा। लोनिवि से संबंधित 138 करोड़ के स्वीकृत सड़कों का काम भी जल्द शुरू कराने की मांग उन्होंने की।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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