मनरेगा के नाम पर अवैध खनन, विरोध करने वाले ग्रामीणों को पुलिस ने थाने में बुलाया और बना दिया शांति भंग का मामला

ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने कलेक्टर और एसपी के निर्देश का हवाला देकर खुद अवैध खनन में मदद की।

 

By: Dakshi Sahu

Published: 19 Jan 2021, 11:57 AM IST

दुर्ग. गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के क्षेत्र में मनरेगा के नाम पर अवैध खनन और विरोध पर ग्रामीणों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई की शिकायत सामने आई है। इससे नाराज मडिय़ापार के ग्रामीण सोमवार को मोर्चा लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले में ग्रामीणों ने बोरी थाना प्रभारी और तहसीलदार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने कलेक्टर और एसपी के निर्देश का हवाला देकर खुद अवैध खनन में मदद की।

कलेक्टोरेट पहुंचे मडिय़ापार के मनीष कुमार, फत्ते लाल साहू, लेख राम साहू, नम्मूलाल, पुनीत राम, टोमन लाल ने बताया कि ग्राम सभा में बड़ा तालाब खसरा क्रमांक 748, रकबा 2.32 हेक्टेयर में मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों से गहरीकरण करवाकर बंड को ऊंचा कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके विपरीत पंचायत प्रतिनिधियों ने मिलीभगत कर निजी व्यक्ति को तालाब की खुदाई और मुरुम परिवहन की अनुमति दे दी। संबंधित व्यक्ति ने मशीन लगाकर तालाब की खुदाई और मुरुम की बिक्री शुरू कर दी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो अवैध मुरुम खनन बंद करवा दिया गया, लेकिन बाद में विरोध करे वालों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज करवा दिया गया। शिकायत करने वालों में शंकर लाल, नाथू राम, टोमन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी।

थाने में बुलाया और बना दिया शांति भंग का मामला
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 29 दिसंबर को दोबारा तालाब की खुदाई शुरू कर दी गई। इसकी सूचना 112 को दी गई। इस पर खुदाई में मदद कर रहे कृपा राम साहू को थाने ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद शिकायतकर्ताओं को थाने बुलाया गया और कलेक्टर और एसपी का आदेश बताते हुए उन पर ही शांति भंग का मामला बना दिया।

थानेदार और तहसीलदार की मौजूदगी में ही खुदाई
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दूसरे दिन बोरी थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार बोरी खुद मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद उनकी मौजूदगी में तालाब में दोबारा मुरुम की खुदाई शुरू कराई गई। यह खुदाई पूरे दिन और रात चलता रहा। केवल परिवहन की अनुमति होने के बाद भी अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध खुदाई की गई।

दोषियों पर कार्रवाई नहीं तो थाने का घेराव
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पूरे मामले की जानकारी दी है। इसके साथ ही अवैध मुरुम खुदाई के प्रमाण के रूप में फोटोग्राफ्स में जमा कराए हैं। इसके अलावा इससे पूर्व के शिकायतों की जानकारी भी दी गई है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में बोरी थाने के घेराव की चेतावनी भी दी है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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