दरियादिली: कोरोना ने बिगाड़ी पिता की माली हालत तो समाज की महिलाओं ने उठा लिया गरीब बेटी की पढ़ाई का जिम्मा

निषाद समाज की ममता निषाद और अनिता जलतारे ने बताया कि गरीब परिवार किसी तरह मिलकर मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।

By: Dakshi Sahu

Published: 12 Jul 2021, 01:59 PM IST

दुर्ग. गया नगर की बेटी शीतल निषाद... पढऩे में ऐसी होशियार है कि गरीबी से संघर्ष और जीवकोपार्जन को लेकर तमाम झंझावतों के बाद भी हर साल उत्कृष्ट परिणाम लाती है। शीतल इस बार बारहवीं कॉमर्स की तैयारी कर रही है। वह खूब पढ़ाई-लिखाई कर परिवार को हर सुख-सुविधा देना चाहती है, लेकिन पिता धनुषराम निषाद की गरीबी ऐसी कि दिनभर मेहनत मजदूरी के बाद बमुश्किल दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है। इसी दौरान पेट काटकर जुगाड़े गए पैसों से किसी तरह शीतल की पढ़ाई हो पाती थी, लेकिन इस बार कोरोना और लॉकडाउन ने यह रास्ता भी बंद कर दिया। लिहाजा शीतल की पढ़ाई छूटने की नौबत आ गई। ऐसे में निषाद समाज की महिलाएं मिसाल बनकर सामने आई। समाज की महिलाओं ने शीतल की ललक देखकर उसकी पढ़ाई का समूचा खर्च उठाने का जिम्मा लिया है।

घट गई परिवार की आमदनी
निषाद समाज की ममता निषाद और अनिता जलतारे ने बताया कि गरीब परिवार किसी तरह मिलकर मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। इस दौरान जो कुछ पैसे बच जाते उससे शीतल की सरकारी स्कूल में पढ़ाई हो जाती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में परिवार के दो कमाऊ सदस्यों की आकस्मिक मृत्यु हो गई। इससे परिवार की आमदनी घट गई, वहीं कोरोना ने भी पिता की कमाई कम कर दी। समाज के लोगों के माध्यम से शीतल की पढ़ाई को लेकर लगन का पता चला। इससे प्रेरित होकर शीतल की पढ़ाई का खर्च उठाने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि समाज की बेटियों को पढ़ाई नहीं छोडऩा पड़े इसलिए अब हर जरूरतमंद की मदद करने का फैसला किया गया है।

पूरे साल का उठाएंगी खर्च
क्षमा जलतारे व कुसुम निषाद ने बताया कि शीतल की पढ़ाई का पूरे सत्र का खर्च महिलाओं नेे उठाने के फैसला किया है। इसके लिए सभी ने क्षमता अनुसार सहयोग का निर्णय किया है। शीतल की पढ़ाई से जुड़े जो भी खर्च होंगे इसी राशि से वहन किया जाएगा। क्षमा ने बताया कि जरूरत पड़ी तो शीतल की आगे की पढ़ाई का खर्च भी वहन किया जाएगा।

घर जाकर दिए पाठ्य सामग्री
महिलाओं को सहयोग के लिए प्रेरित करने वाले संजय जलतारे ने बताया कि पहली सहयोग के रूप में शीतल को पाठ्य सामग्री उसके घर जाकर दिया गया। इसमें 6 किताबें, गाइड और जरूरत की कापियां व पेन शामिल है। इस दौरान ममता निषाद, अनीता जलतारे, क्षमा जलतारे, कुसुम निषाद, राम कुमार निषाद, भारती निषाद, मनहरण निषाद, संजय जलतारे मौजूद थे।

Dakshi Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned