मछली जल की रानी है लेकिन जीवन इसका पानी नहीं है…जानें मछलियों के बारे में 10 रोचक बातें

  • पानी में डूबने से मर सकती है मछलियां
  • जानें इनके बारे में 10 रोचक बातें

By: Vivhav Shukla

Published: 17 Mar 2020, 07:19 PM IST

नई दिल्ली। ‘मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है’ (machli jal ki rani hai) बचपन में हम सब ने ये कविता पढ़ी है। हममे से ज्यादातर लोगों को लगता है मछलियां पानी में सुरक्षित रहती हैं, उन्हें पानी से किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं होता। लेकिन ये बात सच नहीं है। मछलियां भी पानी में डूबने से मर सकती है। आज हम आपको मछलियाों (10 interesting facts about fishes) के बारे में 10 बातें बताने जा रहे हैं जो बहुत ही कम लोगों को पता है।

1- दुनिया में मौजूद हर प्राणी को जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे ही मछलियों को भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में अगर मछलियों को पानी में ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो वह दम घूटने की वजह से पानी में डूबकर मर जाएगी।

2- वैसे तो ज्यादातर मछलियाँ अण्डे देती हैं लेकिन कुछ मछली जैसे “सफ़ेद शार्क(White Shark)” बच्चे को जन्म देती है

3- वैसे तो मछलियां प्यारी होती हैं लेकिन कुछ मछलियां जानलेवा भी होती है। बॉक्स जेलीफिश को दुनिया की सबसे खतरनाक मछली कहा जाता है। इस मछली का जहर किसी भी मनुष्य के अंदर चला जाए तो उसकी तुरंत मौत हो सकती है।

4- मछलियां अपनी आखें कभी बंद नहीं करती है। वे सोते समय भी अपनी आंखें खोल कर रखती है।

5- डॉल्फिन को भारत की राष्ट्रीय मछली है। डॉल्फिन को दुनिया की सबसे प्यारी मछली भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि डॉल्फिन पांच से आठ मिनट तक अपनी सांस रोक कर रख सकती है।

6- एक मछलियों के झुंड में जो मछली मध्य में होती है वही पूरे झुंड़ को नियंत्रण में रखती है। बाकी की मछलीयां मध्य की मछली के निर्देश अनुसार चलती हैं।

7- व्हेल शार्क दुनिया की सबसे बड़ी मछली है। इसकी लंम्बाई दो स्कूल बसों जितनी बढ़ जाती है। इसका वजन लगभग 25,000 किलो होता है और यह मुख्य रूप से प्लवक खाती है। प्लवक खारे पानी में उगने वाली बनस्पती होती है। इसके लगभग 4,000 दांत होते है जो कि मात्र 3 मिलीमीटर आकार के होते हैं

8- सेलफिश मछली दुनिया की सबसे तेज मछली है। ये 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तैर सकती है।

9- बैटफिस एक अनोखी मछली है। इसे जब भी खतरे का आभास होता है ये बिलकुल गतिहीन हो जाती है। इस दौरान ये एक बहते हुए पत्ते की तरह नजर आती है।

10 -मछलियां अपने अंदर का तापमान अपने आसपास के वातावरण अनुसार बदल लेती है। इसी वजह से इन्हें ठंड़े-खून वाले प्राणी भी कहा जाता है।

Vivhav Shukla
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