प्रेगनेंसी में खाएं ये 10 चीजें, नहीं होगा गर्भपात

आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाकर प्रेगनेंसी की दिक्कतों को रोका जा सकता है

By: Soma Roy

Published: 18 Dec 2018, 05:36 PM IST

नई दिल्ली। मां बनना हर औरत के लिए एक सुखद एहसास होता है, लेकिन कई बार कुछ कॉम्प्लीकेशन्स की वजह से उनका ये सपना टूट जाता है। इसकी वजह शारीरिक कमी एवं अन्य कारण हो सकते हैं। मगर आयुर्वेद विज्ञान में कई ऐसे घरेलू नुस्खे बताए गए हैं, जिनसे मां बनने की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है।

1.आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार गर्भपात की समस्या को रोकने के लिए शिवलिंगी नामक जड़ी-बूटी बहुत कारगर साबित होती है। अगर रोजाना सुबह खाली पेट इसके पाउडर का सेवन किया जाए तो मां का स्वास्थ बेहतर रहता है।

2.आयुर्वेद में एक और औषधीय गुणों वाली जड़ी-बूटी है जिसका नाम पुत्रजीवक हैं। अगर इसकी गिरी को पीसकर पाउडर बना लिया जाए और रोजाना सुबह एक गिलास गाय के दूध के साथ इसके आधे चम्मच पाउडर को खाया जाए तो लाभ होगा।

3.गर्भपात की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जौ भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें लेक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, फास्फोरिक एसिड, पोटेशियम और कैल्शियम मौजूद होता है। इसके इस्तेमाल के लिए 12 ग्राम जौ के आटे को 12 ग्राम काले तिल और 12 ग्राम मिश्री के साथ पीसकर इसमें शहद मिलाकर रोज दो बार चाटें।

4..ढाक का पत्ता भी गर्भ गिरने की समस्या को कम करता है। गर्भधारण करने से एक महीने पहले ढाक के पत्ते को पीसकर आधा चम्मच चूर्ण एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से गर्भ ठहरता है। ये प्रक्रिया आपको नौ महीनों तक करनी होगी। हालांकि इसका सेवन रोज नहीं बल्कि तीन-चार दिन छोड़कर करना होगा।

5.धतूरा भी गर्भपात रोकने के काम आता है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार जिस स्त्री को बार बार गर्भपात होता हो उसकी कमर में धतूरे की जड़ का चार ऊँगली का टुकड़ा ऊनी धागे से बाँध दें, इससे गर्भपात नहीं होगा। महिला को ये जड़ नौ महीनों तक बांधकर रखनी होगी।

6.अनार से भी गर्भपात की समस्या कम होती है। इसके लिए महिला को रोज 100 ग्राम अनार के ताजे पत्ते पीसकर उसका रस पिलाना चाहिए। साथ ही इसके पिसे हुए पत्तों को कमर के नीचे वाले हिस्से पर लेप की तरह लगाना चाहिए। इससे गर्भपात में होने वाला रक्त स्त्राव रुक जाएगा।

7.अगर गर्भपात होने का भय हो तो तुरंत चौथाई चम्मच पीसी हुई फिटकरी को एक कप कच्चे दूध में डालकर पी लें। इससे गर्भपात रुक जाएगा। इस तरीके का प्रयोग करने से गर्भपात में होने वाला दर्द और खून का बहना भी थम जाता है।

8.गर्भपात की वजह शरीर में विटामिन्स की कमी का होना भी होता है इसलिए इस दौरा विटामिन ए एवं ई भरपूर मात्रा में लेना चाहिए। इस दौरान अंकुरित दालें, दूध, दही, पनीर, अंडा, सूखे मेवे आदि खाना फायदेमंद होगा।

9.अगर प्रेगनेंट महिलाएं रोज एक गिलास दूध में आधा चम्मच सौंठ और एक चौथाई चम्मच मुलहठी उबालकर पीना चाहिए। इससे गर्भ स्थिर रहता है और प्रसव पीड़ा भी कम होती है।

10.जिन स्त्रियों को बार-बार गर्भपात होता है उन्हें रोजाना 62 ग्राम सौंफ और 31 ग्राम गुलकंद पीसकर पानी मिलाकर दिन में एक बार पीना चाहिए। ऐसा करने से गर्भ नहीं गिरता है।

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