उमर खय्याम: महान गणितज्ञ को गूगल ने किया याद, कैलेंडर बनाने समेत किए थे ये 10 बड़े काम

उमर खय्याम: महान गणितज्ञ को गूगल ने किया याद, कैलेंडर बनाने समेत किए थे ये 10 बड़े काम

Soma Roy | Publish: May, 18 2019 11:34:30 AM (IST) | Updated: May, 18 2019 12:10:00 PM (IST) दस का दम

  • उमर खय्याम ने ज्यामिति बीजगणित की स्थापना की थी
  • उन्होंने साल की गणना के लिए जलाली कैलेंडर बनाया था

नई दिल्ली। मशहूर फारसी गणितज्ञ, फिलोसोफर, कवि और ज्योतिर्विद उमर खय्याम का आज 971वां जन्मदिन है। इस खास मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। ग्यारहवीं सदी के इस महानायक ने साल की गणना के लिए कैलेंडर बनाने समेत ये 10 बड़े काम किए थे।

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1.उमर खय्याम का जन्म ईरान के निशापुर में हुआ था। उन्होंने महज 22 साल की छोटी उम्र में ही पूरी दुनिया में अपना एक मुकाम बना लिया था। उन्हें उनके गणितज्ञ ज्ञान और खगोलशास्त्र में दिए गए अहम योगदानों के लिए जाना जाता है।

2.उन्होंने 22 साल की उम्र में गणित के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया था। खय्याम ने घन के दूसरे इस्तेमालों की खोज की थी। इसका विवरण ट्रिएटाइस आन डिमॉनस्ट्रेशन आफ प्रॉब्लम्स आफ एलजेब्रा और बैलेंसिंग नामक पब्लिकेशन में दिया गया था।

3.उन्हें खगोल और ज्योतिष विद्या में भी काफी दिलचस्पी थी। तभी ईशफाम नामक पर्सियन शहर से मिले बुलावे के तहत वो वहां गए थे। उस शहर में उन्होंने साल की लंबाई की गणना के लिए एक कैलेंडर बनाया था।

4.इसे जलाली कैलेंडर नाम दिया गया था। उनके कैलेंडर में दिनों की गणना सूर्य की चाल पर निर्भर करता था।

5.इसके अलावा उनके कैलेंडर में चौथे और पांचवे वर्ष की गणना समेत अधिक वर्ष आदि का विवरण भी दिया गया था।

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6.खय्याम को लिखने का भी शौक था। वो एक महान कवि भी साबित हुए। उन्होंने कई कविताएं लिखी हैं। उनकी ज्यादातर कविताएं चार लाइनों की होती थीं। उनकी कई कविताओं को बाद में एडवार्ड फिट्ज गेराल्ड ने अनुवाद करके द रूबियत आफ उमर खय्याम नामक किताब में प्रकाशित की थी।

7.उमगर खय्याम को ज्यामिति बीजगणित की स्थापना की। जिसमें उन्होंने अल्जेब्रिक समीकरणों के ज्यामितीय हल पेश किएए थे।

9.वह अपने जमाने के मशहूर विद्वानों में से एक थे। वह खोरासाम प्रांत के मलिक शाह-1 के दरबारी ज्योतिर्विद और सलाहकार के तौर पर काम करते थे।

10.उनका निधन सन 1131 को हुआ था। उन्हें खय्याम बाग में दफनाया गया था।

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