बीजेपी का ये विधायक बना मोदी का दुश्मन! इन 10 प्वाइंट्स में समझे पूरा मामला

  • sakshi mishra issue : बरेली बीजेपी विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा के एक दलित से शादी करने पर मचा है बवाल
  • मसले से मोदी सरकार की डॉ. अंबेडकर स्कीम को हो सकता है नुकसान

By: Soma Roy

Updated: 15 Jul 2019, 10:05 AM IST

नई दिल्ली। जाति प्रथा को खत्म करने और इंटरकास्ट मैरिज को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ( Modi government ) ने जहां एक खास योजना की शुरुआत की है। वहीं बीजेपी ( BJP ) के ही एक विधायक खुद मोदी गवर्नमेंट की इस स्कीम को फेल करने में लगे हुए हैं। बात बरेली से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक राजेश मिश्रा की है। दरअसल उनकी बेटी साक्षी मिश्रा ने एक दलित लड़के से शादी की है, जिस पर बवाल मचा हुआ है। तो क्या है पूरा मसला और किस तरह ये विधायक बन बैठे हैं मोदी के दुश्मन आइए जानते हैं।

1.हाल ही मेंं मोदी सरकार ने डॉ.अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज के तहत लोगों को ढ़ाई लाख रुपए की मदद की घोषणा की थी। मगर इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए दंपत्ति में किसी एक व्यक्ति का दलित होना जरूरी है।

2.दलितों की समाज में हो रही उपेक्षा को खत्म करने के लिए बीजेपी सरकार ने विशेष पहल की है। मगर बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की खुद की बेटी के एक दलित लड़के से शादी करने को लेकर घमासान मचा हुआ है। विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा के अनुसार उनके पिता उनके विवाह से खुश नहीं हैं।

3.साक्षी का आरोप है कि उनके पिता जातिगत कारणों के चलते उनके पति अजितेश कुमार को पसंद नहीं करते हैं। वे उनकी शादी को अमान्य करार देने के लिए अपने सियासी रसूख का इस्तेमाल कर रहे हैं।

4.मालूम हो कि साक्षी अपने घरवालों से बचने के लिए 3 जुलाई से घर से भाग रही हैं। उनके मुताबिक अजितेश से उन्होंने इलाहाबाद के राम जानकी मंदिर में शादी की थी। इसका उन्होंने प्रमाण पत्र भी लिया था। हालांकि बाद में मंदिर के पुजारी के बयान बदलने से प्रमाण पत्र की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

5.बताया जाता है कि साक्षी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपनी शादी कानूनी ठहराए जाने को लेकर याचिका दर्ज की है। जिसकी सुनवाई 15 जुलाई को होगी। दंपत्ति 16 जुलाई को कोर्ट में अपनी शादी का पंजीकरण कराएगा।

sakshi mishra

6.मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के चलते ज्यादा तूल पकड़ चुका है। इस बीच स्थानीय पुलिस पर बीजेपी विधायक के दवाब की भी बात सामने आई है। साक्षी का आरोप है कि शुरुआती दौर में बरेली पुलिस उन्हें सहयोग नहीं दे रही थी। मगर मीडिया का दरवाजा खटखटाने के बाद बरेली एसएसपी मुनिराज ने उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है। इससे वह और उनके पति राहत की सांस ले रहे हैं।

7.बीजेपी विधायक की बेटी की ओर से अनुसूचित जाति के लड़के से शादी करने को लेकर पार्टी के दूसरे नेता भी इसे गलत बता रहे हैं। इस मामले में हरदोई से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने एक विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने साक्षी का समर्थन करने वालों के खिलाफ अपशब्द कहे हैं।

8.श्याम प्रकाश ने इस मसले को समाज में बेइज्जत होने वाला एक कदम बताया। उनके ट्वीट के मुताबिक बरेली बीजेपी विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले लोगों को ये बात अपने उपर लागू करके देखनी चाहिए कि साक्षी का ये कदम सही है या नहीं।

9.दूसरी जाति में विवाह करने को लेकर एक-एक करके बीजेपी विधायकों का ऐसे बागी होना मोदी सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। इससे नरेंद्र मोदी की अंबेडकर योजना पर सवालिया निशान खड़े हो सकते हैं। क्योंकि ये स्कीम दलितों के लिए ही थी।

10.मोदी सरकार जहां लोगों को दलित से शादी करने को लेकर अपनी मानसिकता बदलने पर जोर दे रही है। वहीं खुद की पार्टी के विधायकों के बदले हुए तेवर से उन्हें नुकसान हो सकता है। इससे सियासी घमासान और तेज होने की आशंका है।

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