आकर्षण नहीं इस वजह से बन जाते हैं समलैंगिक, जानते ही उड़ जाएंगे होश

आकर्षण नहीं इस वजह से बन जाते हैं समलैंगिक, जानते ही उड़ जाएंगे होश

Soma Roy | Publish: Sep, 06 2018 01:39:48 PM (IST) दस का दम

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 हटाकर समलैंगिक लोगों को उनका हक दिया

नई दिल्ली। दो विपरीत लिंगों के बीच बनाए गए संबंधों को पहले गैर कानूनी माना जाता था, मगर आज सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मंजूरी दे दी है। अब समलैंगिक रिश्तों को धारा 377 के जाल से मुक्त कर दिया गया है। मगर क्या आपको पता है लोग समलैंगिक क्यों बनते हैं। आज हम आपको इससे जुड़े कुछ खास तथ्यों के बारे में बताएंगे।

1.समलैंगिक के प्रति बढ़ते आकर्षण का एक कारण है उसका लुक। कई लड़के एवं लड़कियां दूसरे खूबसूरत पार्टनर को देख उनकी ओर खिंचने लगते हैं। उन्हें वो देखने में अच्चे लगते हैं, इससे उनके माइंड में डोपेमिन नामक रसायन निकलता है, जो उन्हें खुशी का एहसास कराता हैं

2.मनोचिकित्सकों के अनुसार समान सेक्स के व्यक्ति के प्रति आकर्षण का एक अन्य कारण अपनेपन का मिलना है। दरअसल जो लोग अपने परिवार या घरवालों से दुखी रहते हैं, उन्हें लोग पसंद नहीं करते हैं या अन्य किसी वजह से वो परेशान रहते हैं, ऐसे समय में दूसरे साथी का उन्हें सहारा देना उन्हें एक-दूसरे के करीब लाता हैं

3.वैज्ञानिकों की रिसर्च के मुताबिक समलैंगिक के प्रति लगाव होने की वजह जेनेटिक भी हो सकती है। क्योंकि एक परिवार के सदस्यों में अनुवांशिकीय गुण रहते हैं। इसमें इनके पूर्वजों का भी अंश रहता है। अगर खानदान में कोई भी व्यक्ति दूसरों के प्रति आकर्षण रखता था तो उसका असर अपने आप दूसरे सदस्य में आ जाएगा।

4.शोध के मुताबिक समान सेक्स के प्रति रुझान की वजह हार्मोन्स का असंतुलित होना भी हो सकता है। क्योंकि प्रत्येक स्त्री और पुरुष में अलग-अलग हार्मोन होते हैं। इसी के जरिए उनके गुण और व्यव्हार होते हैं, लेकिन जिन लोगों में किसी भी सेक्स के गुण ज्यादा आ जाते हैं तो वो समलैंगिक की तरफ आकर्षित हो जाता है।

5.समलैंगिक ज्यादातर तो तरह के होते हैं, जिनमें पहला लेसबियन और दूसरा गे होता है। लेसबियन के तहत दो लड़कियां एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होती हैं। वो गे में दो लड़के आपस में रिलेशन रखते हैं। मगर एक रिपोर्ट के मुताबिक गे लड़कों के अलावा लड़कियों के प्रति भी आकर्षण महसूस करते हैं। जबकि लड़कियों में ये चीज कम रहती है।

6.अध्ययन के मुताबिक जिन बच्चों का बचपन मानसिक और शारीरिक यातनाओं से गुजरता है वो भी समलैंगिक आकर्षण रखते हैं। उन्हें लगता है कि उनके सेक्स का दूसरा पार्टनर उन्हें ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकेगा और उससे वो अपना दुख बांट सकेगा।

7.सन् 1995 में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जुड़वा पैदा होने वाले ज्यादातर बच्चे समलैंगिक होते हैं। इनमें करीब 52 प्रतिशत बच्चे ऐसे थे जो जुड़वा होने के चलते समलैंगिक के प्रति आकर्षण रखते हैं। जबकि लड़कियों में इसका प्रतिशत 48 था।

8.जो लोग विपरीत सेक्स की ओर आकर्षित होते हैं उन्हें हेट्रोसेक्चुअल कहते हैं। जबकि समान सेक्स की ओर रुझान रखने वालों को होमोसेक्चुअल कहते हैं। वहीं जो लोग लड़के और लड़की दोनों के प्रति लगाव रखते हैं उन्हें बॉयोसेक्चुअल कहते हैं।

9.समलैंगिक के प्रति लगाव रखने को कुछ सांइटिस्ट एक मानसिक बीमारी भी मानते हैं। उनके मुताबिक ऐसे व्यक्तियों का मस्तिष्क ठीक से विकसित नहीं हो पाता है, इसलिए ये सही-गलत की समझ भूल जाते हैं। वहीं अमेरिकन साइकलॉजिकल एसोसिएशन के मुताबिक ये एक इंसान का स्वभाव है। ये एक आम बात है।

10.मालूम हो कि भारत में समलैंगिकता को अधिकार नहीं मिला था। इसे एक अपराध समझा जाता था। इसलिए जो लोग अप्राकृतिक संबंध बनाते हैं तो उन्हें धारा 377 के तहत सजा देने का प्रावधान था। इसके तहत उन्हें उम्रकैद या दस साल तक की कैद और जुर्माने तक की सजा हो सकती थी।

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