इन कारणों से वाहन इंश्योरेंस के बावजूद रिजेक्ट हो जाता आपका क्लेम, जाने इससे जुड़ी 10 जरूरी बातें

वाहन का इंश्योरेंस कराने के दौरान हम कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनके कारण दुर्घटना का क्लेम मांगे जाने पर हमें वह नहीं मिल पाता।

By: Vineet Singh

Published: 15 Nov 2018, 12:34 PM IST

जब भी आप कोई नया वाहन खरीदते हैं तो उसका इंश्योरेंस ज़रूर कराते हैं। इंश्योरेंस खत्म होने के बाद उसे रिन्यू कराया जाता है। वाहन का इंश्योरेंस कराने के दौरान हम कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनके कारण दुर्घटना का क्लेम मांगे जाने पर हमें वह नहीं मिल पाता। ऐसे में हमें कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है जिससे कि वाहन इंश्योरेंस के क्लेम के दौरान हमें परेशानी ना हों।

  1. सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि जिस पॉलिसी को आप ले रहे हैं उसपर आपको इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा भी या नहीं। आपकी बीमा कंपनी की विश्वसनियता होना बेहद जरूरी है।
  2. वैसे तो इंश्योरेंस दो तरह के होते हैं कॉंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस। कॉंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस में गाडी़ के प्लास्टिक पार्ट और एसेसरीज का डेमेज क्लेम नहीं मिलता और कई पॉलिसी में तो 100 फीसदी क्लेम भी नहीं मिलता ऐसे में जीरो डेब्‍ट इंश्‍योरेंस कराना फायदा का सौदा हो सकता हैं।
  3. थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस पुराने वाहन का होता है। इसे कराना कानूनी तौर पर वाहन के लिए जरूरी होता है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में आपको गाड़ी के चोरी होने पर कोई मुआवजा नहीं मिलता।
  4. वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचित करें। कंपनी द्वारा सर्वेयर भेजा जाएगा जो आपके वाहन की जांच के बाद मुआवजे को मंजूरी देगा। स्वयं वाहन ठीक कराने के बाद बीमा कंपनी से मुआवजे की मांग ना करें इस स्थिति में समस्या उतपन्न हो सकती है।
  5. दुर्घटना के दौरान प्राइवेट वाहन का व्यवसायिक कार्य में इंस्तेमाल हुआ है तो भी आपको उसका क्लेम नहीं मिलेगा क्योंकि व्यवसायिक इस्तेमाल वाले वाहन का अलग से बीमा होता है।
  6. अगर दुर्घटना के दौरान वाहन में क्षमता से ज्यादा लोग सवार हैं तो भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इस स्थिति में बीमा कंपनी आपके दावे को अस्वीकार कर सकती है।
  7. बीमा कंपनी को बताए बगैर अगर गाड़ी में किसी प्रकार की सीएनजी या एलपीजी फ्यूल किट लगवाई है तो ऐसे में बीमा कंपनी आपको मुआवजा देने से मना कर सकती है। इसे लगवाने से पहले इंश्योरेंस कंपनी को सूचित जरूर करें।
  8. क्लेम के अस्वीकार होने का मुख्य कारण आपका नशे में गाड़ी में चलाना है। क्योंकि नशे में वाहन चलाने के दौरान दुर्घटना होने पर बीमा कंपनी क्लेम नहीं देती।
  9. दुर्घटना या फिर चोरी होने पर अगर उसका क्लेम मांगाने के दौरान अगर कोई जानकारी बीमा कंपनी को उचित नहीं लगती या उसमें किसी प्रकार का शक होता है तो ऐसी स्थिति में भी वाहन का क्लेम निरस्त हो सकता है।
  10. क्लेम करने के दौरान अपनी कागजी कार्यवाही जरूर पूरी रखें। आपके पास वाहन के इंश्योरेंस की ऑरिजनल कॉपी, रजिस्ट्रेशन के कागज, ऑरिजनल ड्राइविंग लाइसेंस, दुर्घटना की एफ़आईआर जैसे कागज जरूर होने चाहिए।
Vineet Singh
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