गणेश चतुर्थी: इस समय करें गणपति की स्थापना, ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी: इस समय करें गणपति की स्थापना, ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

Soma Roy | Publish: Sep, 06 2018 12:17:43 PM (IST) दस का दम

पान के साथ सिंदूर अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होंगे

नई दिल्ली। इस बार गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को पड़ रही है। दस दिनों तक चलने वाला ये उत्सव 23 सितंबर तक चलेगा। इस दिन भगवान गणेश की स्थापना तय समय पर करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी। तो क्या है पूजा का शुभ मूहूर्त और कैसे करें स्थापना आइए जानते हैं।

1.पुराणों के अनुसार गणपति का जन्म मध्यकाल में हुआ था, इसलिए उनकी प्रतिमा की स्थापना भी इसी समय की जानी चाहिए। उनकी मूर्ति को आसन पर रखते समय वहां थोड़ा चावल रख दें। इससे घर में समृद्धि आएगी।

2.गणेश जी को आसन पर विराजमान करते समय उन्हें लाल सिंदूर चढ़ाएं। साथ ही उन्हें सात दूर्बा अर्पित करें। आप चाहे तो उन्हें दूर्बा की माला भी चढ़ा सकते हैं। ऐसा करने से गणपति प्रसन्न होंगे और आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।

3.इस दिन खास मंत्रों के साथ गजानन की आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। जब बप्पा आपके घर आएं तो ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥ मंत्र का जाप करें। इससे घर में शुभता आएगी।

4.लंबोदर को आसन पर बिठाने के बाद, ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ।। मंत्र का 11, 21, 51 एवं 108 बार जप करें। ऐसा करने से घर-परिवार में आ रही सारी मुसीबतें दूर हो जाएंगी। इस मंत्र को जपने से पहले हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लें।

5.अगर आप नौकरी पाना चाहते हैं, शादी करना चाहते हैं या अन्य कोई मनोकामना हो तो आप गणेश चतुर्थी के दिन ऊँ गं गणपतये नमो नमः। मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से जल्द ही आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी।

6.गजानन को प्रसन्न करने और घर में धन-धान्य की वृद्धि के लिए साज्यं च वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया। दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम। भक्त्या दीपं प्रयच्छामि देवाय परमात्मने। त्राहि मां निरयाद् घोरद्दीपज्योत। मंत्र का जाप करें। ये प्रक्रिया आप पूरे 10 दिनों तक करें, इससे आपको धन लाभ होगा।

7.जीवन में कामयाबी पाने के लिए गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणपति का ध्यान करते हुए प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम। चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम। तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयोः शिवाय। मंत्र का जाप करें।

8.इस बार चतुर्थी तिथि 12 सितम्बर को शाम 4 बजकर 7 मिनट से शुरू होगी, जो कि अगले दिन यानि 13 सितम्बर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 3 मिनट से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक है।

9.गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का देखना अशुभ माना जाता है। क्योंकि गजानन ने चंद्र देव को क्षीण होने का श्राप दिया था। माना जाता है कि चंद्रमा को चतुर्थी के दिन देखने से व्यक्ति को कलंक लगता है। इसलिए 13 सितंबर को सुबह 9 बजकर 31 मिनट से लेकर रात के 9 बजकर 12 मिनट तक आसमान को न देखें।

10.गणेश चतुर्थी पर शुभ फल पाने के लिए गणेश जी को पान से सिंदूर लगाएं। साथ ही उन्हें पांच सुपारी चढ़ाएं। इससे लोगों का वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा और घर के लोगों की तरक्की होगी।

Ad Block is Banned