ये हैं भारत के टॉप 10 दानवीर अरबपति, कमाई का ढेर सारा हिस्सा करते हैं दान

ये हैं भारत के टॉप 10 दानवीर अरबपति, कमाई का ढेर सारा हिस्सा करते हैं दान

Vivhav Shukla | Updated: 16 Sep 2019, 06:00:30 PM (IST) दस का दम

  • देश के टॉप 10 दानवीर अरबपति

नई दिल्ली। भारत ने कई अरबपतियों का उत्पादन किया है, यहां तक कि कईयों का पारिवारिक कारोबार पीढ़ी से पीढ़ी तक चलते आ रहे हैं। हालांकि, देश में अमीर और गरीब के बीच का अंतर बहुत बड़ा है। लेकिन अगर इनको भी मदद मिले तो देश की गरीबी में कमी जरूर आ सकती है। भारत में कुछ अरबपति जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ा रहे हैं।ह्यूरन रिसर्च इंस्टीट्यूट ने भारत परोपकार सूची 2018 में कहा कि लोगों ने 2310 करोड़ रुपये दान में दिया है। जिसमें प्रति परोपकारी व्यक्ति का औसत 61 करोड़ रुपये है।चलिए जानते हैं देश के टॉप 10 दानवीर अरबपतियों के बारे में।

1- शिव नादर

तमिलनाडु में पैदा हुए शिव नादर IT क्षेत्र की दिग्गज कंपनी HCL के चेयरमैन हैं। यह कंपनी उन्होंने 1976 में अपने कुछ दोस्तों के साथ एक गैराज में शुरू की थी। उस समय इनका पहला इन्वेस्टमेंट 1,87,000 रुपए का था। शिव की इस कंपनी की शुरुआत कैल्कुलेटर और माइक्रोप्रॉसेसर बनाने से हुई थी और आज HCL भारत की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर है। कंपनी के अलावा शिव ने SSN कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की भी स्थापना की। पद्म भूषण पुरस्कार विजेता शिव, शिव नाडार फाउंडेशन भी चलाते हैं जो जरूरतमंद लोगों की मदद करता है। फाउंडेशन ग्रामीण शिक्षा के साथ-साथ वंचित छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने के लिए छात्रवृत्ति भी प्रदान करता है।

2- मुकेश अंबानी

यमन में पैदा हुए मुकेश रिलायंस कंपनी के मालिक हैं, जिसकी स्थापना मुकेश के पिता धीरूभाई अंबानी ने 1966 में की थी। 2002 में पिता के देहांत के बाद मुकेश और उनके भाई अनिल में बंटवारा हो गया।मुकेश के हिस्से में मुख्य तौर पर पेट्रोकेमिकल, ईंधन और गैस का बिजनेस है। भारत के टेलिकॉम मार्केट की सूरत बदलने वाला रिलायंस जियो मुकेश अंबानी की देन है। अंबानी को 2018 में फोर्ब्स द्वारा सबसे अमीर एशियाई नामित किया गया था। अंबानी रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में मोटी रकम निवेश करते है, जिसका नेतृत्व उनकी पत्नी नीता अंबानी कर रही हैं। पिछले साल जब केरल बाढ़ की चपेट में था, तब रिलायंस फाउंडेशन ने 71 करोड़ रुपये का दान दिया था।

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3- अजय पीरामल

अजय पीरामल, पीरामल एंटरप्राइजेज की अध्यक्षता करते हैं। यह समूह फार्मा, हेल्थकेयर और वित्तीय सेवाओं में माहिर है। अजय, पीरामल फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रोजगार और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्रों में योगदान करते रहते हैं।

4- अजीम प्रेमजी

मुंबई में पैदा हुए अजीम प्रेमजी भारत की दिग्गज IT कंपनी विप्रो लिमिटेड के चेयरमैन हैं। इन्हें विरासत में खाना पकाने वाले तेल का बिजनस मिला था। 1966 में पिता के देहांत के बाद उन्होंने बिजनेस संभाला और फिर इन्फॉर्मेशन टेक्नॉल्जी और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपना व्यापार बढ़ाया। आज विप्रो भारत की तीसरी सबसे बड़ी आउटसोर्सर कंपनी है। साल 2013 में प्रेमजी ने अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा दान कर दिया था।

5- आदि गोदरेज
मुंबई में जन्मे आदि गोदरेज भारत के बड़े बिजनस समूह गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन हैं। साल 2000 में गोदरेज के चेयरमैन बनने वाले आदि तीसरी पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं, जो अपने भाई नादिर और कज़िन जमशेद गोदरेज के साथ कंपनी को आगे बढ़ा रहे हैं।

6- गौतम शांतिलाल अडानी

गुजरात में जन्मे गौतम शांतिलाल अडानी 'अडानी ग्रुप' के संस्थापक और चेयरमैन हैं। गौतम ने 1988 में अडानी ग्रुप की स्थापना की थी। आज गौतम को पोर्ट्स (बंदरगाह) टाइकून कहा जाता है और अडानी ग्रुप का बिजनस मुख्य तौर पर खनिज, लॉजिस्टिक्स, एनर्जी, खेती, डिफेंस और एयरस्पेस जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।इसके साथ ही गौतम ने साल 1996 में अडानी फाउंडेशन को बनाया था। इस फाउंडेशन ने अहमदाबाद, भद्रेश्वर और अन्य राज्यों में बच्चों के लिए सैकड़ों स्कूल खोले हैं।जहां 100,000 से अधिक बच्चों को शिक्षित किया जाता है।

7-युसफ अली
केरल में जन्मे युसफ अली लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष हैं।पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित, 63 वर्षीय अली ने परोपकार के काम में हमेशा आगे रहते हैं। साल 2001 में गुजरात भूकंप, 2014 में जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे आपदाओं में हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। ।

8- सावजी धनजी ढोलकिया
सावजी धनजी ढोलकिया हीरा निर्माण और निर्यात कंपनी हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक और अध्यक्ष हैं।ढोलकिया ने साल 1991 में हरी कृष्णा एक्सपोर्ट्स की शुरुआत की। इसके साथ उन्होंने ढोलकिया फाउंडेशन भी खोला। ये फाउंडेशन पिछले साल दिसंबर में, लगभग 78 जोड़ों के लिए 'सामूहिक विवाह' का आयोजन किया था। इतना ही नहीं पिछले साल भी ढोलकिया ने अपने 600 कर्मचारियों को दीवाली के मौके पर तोहफे में कार गिफ्ट की थी।

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9- पलौंजी मिस्त्री

भारत में जन्मे और 2003 में आयरलैंड की नागरिकता लेने वाले पलौंजी मिस्त्री भारत की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में से एक शपूरजी पलौंजी ग्रुप को नियंत्रित करते हैं। पलौंजी साल 2003 से शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप के अध्यक्ष हैं।पल्लोनजी ग्रुप स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी में मुद्दों से निपटने के लिए हर साल दान करती है।

10- साइरस मिस्त्री
साइरस मिस्त्री शापूरजी पलोनजी परिवार से हैं। शापूरजी पलोनजी समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में सबसे बड़ी निजी शेयरधारक है। मिस्त्री को 2006 में टाटा संस के निदेशक मंडल में नियुक्त किया गया था।

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