मंगलवार के दिन हनुमान जी को चढ़ाएं इस तरह का चोला, रूपए पैसों की दिक्कत होगी खत्म

हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन मंगलवार या फिर शनिवार का माना जाता है।

By: नितिन शर्मा

Published: 18 Dec 2018, 10:40 AM IST

नई दिल्ली। संकटमोचन हनुमान जी को प्रसन्न करना कोई कठिन कार्य नहीं है। हनुमान जी तो बहुत ही जल्द अपने भक्तों की सच्ची भावना से प्रसन्न होकर उनके जीवन को ख़ुशियों और सफलताओं से भर देते हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन मंगलवार या फिर शनिवार का माना जाता है। लेकिन मंगलवार के दिन उनकी पूजा विशेष रूप से लाभकारी होती है। मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाना बहुत ही फ़ायदेमंद माना जाता है और इसके फलस्वरूप हनुमान जी अपने भक्तों को धन- संपत्ति आदी संबंधित समस्याओं का निवारण करते हैं।

1.हनुमान जी को चोला चढ़ाने से पूर्व स्वयं स्नान आदी के बाद उनकी प्रतिमा पर गंगा जल छिड़ककर शुद्ध करें।

2.इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा पर देसी घी में या फिर चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उनकी प्रतीमा पर लेप करें।

3.पौराणिक कथाओं के अनुसार सिंदूर लेपन के पीछे ऐसी मान्यता है कि इसे करने से हम भगवान श्री राम की लंबी उम्र की कामना करते हैं।

4.हनुमान जी को सिंदूर लगाने से वे बहुत प्रसन्न होते हैं और उनके प्रभु श्री राम की लंबी उम्र की कामना करने वाले जातक का जीवन उनकी कृपा से ख़ुशियों से भर जाता है।

5.इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण होता है हनुमान जी को चेला चढ़ाना। मंगलवार के दिन हनुमान जी को राम जी का नाम लिखा चोला चढ़ाना बहुत ही लाभ देता है।

6.चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी को जनेऊ चढ़ाने से भी वे बहुत प्रसन्न होते हैं। हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं इसलिए उनकी पूजा में महिलाओं का स्पर्श वर्जित है।

7.हनुमान जी जनेऊ अर्पण करने के बाद उन्हे पीपल के पत्तों का माला पहनाना भी लाभकारी होता है। पीपल के 11 पत्तों को शुद्ध कर उन्हे एक धागे में पिरोकर हनुमान जी को चढ़ाना चाहिए।

8.इसके उपरांत हनुमान जी को गुड़- चना, मिष्ठान में उन्हे अति प्रिय लड्डू का भोग लगाने से आपके जीवन के बड़े से दोष दूर होते हैं।

9.हनुमान जी की चालिसा, संकट मोचन हनुमानअष्टक आदी का पाठ करने से भी बहुत फायदा मिलता है।हनुमान जी को राम नाम का चोला चढ़ाने व सिंदूर का लेपन करने से हनुमान जी कि कृपा से व्यक्ति को दीर्घायु, सुख- समृद्धि, धन वैभव आदी का वरदान मिलता है।

10.हनुमान जी की प्रतिमा पर अर्पण किए गए सिंदूर का स्वयं भी अपने माथे पर तिलक लगाएं और हनुमान जी का हाथ जोड़कर स्मरण करें।

 

 

नितिन शर्मा Desk/Reporting
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