पितृ पक्ष 2018 : आज है सर्वपितृ अमावस्या, इस शुभ समय पर करें श्राद्ध

पितृ पक्ष 2018 : आज है सर्वपितृ अमावस्या, इस शुभ समय पर करें श्राद्ध

Soma Roy | Updated: 08 Oct 2018, 11:13:41 AM (IST) दस का दम

पितृ पक्ष पर अमावस्या आज सुबह 10.47 बजे लग रही है जो कि नौ अक्टूबर को सुबह 9.10 बजे तक रहेगी

नई दिल्ली। आज सर्वपितृ अमावस्या है। जिसे पितृ विर्सजनी के नाम से भी जाना जाता है। ये श्राद्ध पक्ष का आखिरी दिन होता है। इसमें उन लोगों का तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि का पता नहीं होता है।

1.सर्वपितृ अमावस्या अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ती है। इस बार ये दो दिन पड़ रही है, जो कि 8 और 9 अक्टूबर है। अमावस्या आज सुबह 10.47 बजे लग रही है जो कि नौ अक्टूबर को सुबह 9.10 बजे तक रहेगी।

2.वैसे तो श्राद्ध पक्ष में मृतक की मृत्यु तिथि के अनुसार तर्पण का कार्य किया जाता है, लेकिन जिन लोगों को अपने पूर्वजों की सही तिथि नहीं पता है वे आज श्राद्ध क्रिया कर सकते हैं। वैसे तो ये प्रक्रिया किसी पावन नदी के तट पर किया जाता है, लेकिन अगर आप वहां जा नहीं सकते हैं तो पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर भी ये काम किया जा सकता है।

3.तर्पण का कार्य कराने के लिए कई पुरोहित रहते हैं, लेकिन अगर आप सामथ्र्यवान नहीं है तो आप खुद भी श्राद्ध क्रिया कर सकते हैं। इसके लिए आपको हाथ में कुश की अंगूठी पहननी होगी। इसके बाद जल, जौ और काले तिल लेकर अपना गोत्र बोलते हुए इसे पितरों को समर्पित करना चाहिए।

3.तर्पण करते समय ध्यान रखें कि जल हमेशा हाथ के अंगूठे के बगल वाली अंगुली वाले भाग से देना चाहिए। अगर आप पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर ये कार्य कर रहे हैं तो उस दौरान सरसों के तेल का दीपल जलाकर अपने पास जरूर रखें।

4.इसके अलावा पीपल के वृक्ष की जड़ में तिल और दूध मिलाकर अर्पण करें। तर्पण की क्रिया में पेड़ की जड़ में सफ़ेद मिठाई, एक नारियल, कुछ सिक्के और एक जनेऊ भी रखें।

5.श्राद्ध के लिए तिल और चावल मिलाकर पिंड बनाएं, जिसे पितरों को अर्पित करें। श्राद्ध के समय इसे इस्तेमाल करने से पहले इसके पांच हिस्से निकालें। इसमें पितरों के अलावा गाय, कौवा, कुत्ता और ब्राम्हण शामिल हैं।

5.सर्वपितृ अमावस्या के दिन सूर्य देव को जल अर्पण करना भी अच्छा माना जाता है। इससे पितरों की आत्मा प्रसन्न होती हैं और आपकी तरक्की होगी। सूर्य देव को जल अर्पण करते समय आदित्य स्त्रोत का पाठ करें एवं गायत्री मंत्र जपें।

6.पितृ अमावस्या की शाम को दीपदान करने से पुण्य मिलता है। इसलिए आप दो, पांच व सोलह दीपों को प्रज्जवलित कर किसी नदी में प्रवाहित कर सकते हैं। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।

7.पितृ अमावस्या के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दिन खीर-पूरी खाना एवं दान करना अच्छा माना जाता है।

8.सर्वपितृ अमावस्या के दिन यदि खीर का एक उपाय किया जाए तो उससे पितरों की आत्म-शांति के साथ धन की दिक्कत भी दूर होती है। इसके लिए खीर को चांदी के बर्तन में रखें। अब इसका थोड़ा हिस्सा दान कर दें। यदि खीर-पूरी को 21 कन्याओं और सात बालकों व अपने सामर्थ्यनुसार खिलाने से लाभ होगा।

9.पितृ अमावस्या पर नारियल का किया गया उपाय भी आपको मुसीबतों से बचाने में कारगर साबित होगा। अगर आपके बहुत शत्रु हैं या लोग आपसे जलते हैं तो आप आज एक पानी वाला नारियल लेकर उस पर लाल सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं। इस दौरान हनुमान जी का ध्यान करत हुए अपनी परेशानी मन में कहें और इसे बजरंगबली के मंदिर में जाकर रख दें।

 

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