करवाचौथ 2019 : 70 साल बाद बन रहा है ये खास संयोग, पूजा करते समय करें ये 10 उपाय

करवाचौथ 2019 : 70 साल बाद बन रहा है ये खास संयोग, पूजा करते समय करें ये 10 उपाय

Soma Roy | Updated: 11 Oct 2019, 03:36:44 PM (IST) दस का दम

  • Karwa Chauth muhurat : करवाचौथ व्रत में पाांच या सात दीपक का करें विशेष उपाय
  • सुबह साढ़े छह बजे से पहले ही खा लें सरगी

नई दिल्ली। करवाचौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। इस बार यह पर्व 17 अक्टूबर को पड़ रहा है। इस बार करवाचौथ का व्रत बेहद खास है। क्योंकि इस बार 17 अक्टूबर को 6:48 पर चतुर्थी तिथि लग रही है। जो अगले दिन सुबह 7:29 तक रहेगी। ऐसा संयोग करीब 70 साल बाद बन रहा है। अगर इस दिन शुभ समय पर कुछ उपाय किए जाएं तो विशेष लाभ होगा।

1.कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि को करवाचौथ मनाया जाता है। इस दिन व्रत में सुबह सरगी खाई जाती हैं। सरगी सुबह 6:21 से पहले खाना उत्तम होगा।

2.पंडित रवि दुबे के अनुसार इस बार करवाचौथ पर उपवास का समय 13 घंटे 56 मिनट का हैं। इस बार पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:50 से रात 7:06 तक है।

3.इस बार चांद निकलने का समय रात 8:18 मिनट है। करवाचौथ की पूजा के समय पांच या सात दीपक जलाकर मंदिर में रखने से पति की आयु लंबी होगी।

4.इस बार करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र के साथ मंगल का योग बन रहा हैं। यह योग बहुत फलदायक है। इस दिन व्रत करने से सुहागिनों को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

5.इस दिन चतुर्थी माता और श्री गणेश की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी। करवाचौथ व्रत का पूजन करते समय सुहागिन स्त्रियों को श्रृंगार का सामान दान करें।

chauth.jpeg

6.व्रत के दिन सुबह स्नान करके यह संकलप बोलकर करवा चौथ का व्रत रखे। वही पूरे दिन निर्जला व्रत रखें।

7.करवाचौथ व्रत की पूजा में आठ पूरियों की अठावरी और हलवा बनाएं। साथ ही पीली मिट्टी से गौरी बनाएं और उनकी गोद में श्री गणेश भगवान को बिठाएं।

8.गौरी को चुनरी ओढ़ाएं, बिंदी आदि सुहाग सामग्री से गौरी का श्रृंगार करें। इसके बाद सामने जल से भरा एक कलश रखें।

9.करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें। उसके ऊपर दक्षिणा रखें। रोली से करवा पर स्वस्तिक बनाएं।

10.करवाचौथ व्रत की कथा सुनते समय गेहूं या चावल के तेरह दाने हाथ में रखें। अब कथा की समाप्ति पर इन्हें गौरी मां को चढ़ा दें। अब करवे से रात में चंद्रमा की आरती करें।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned