इस जन्माष्टमी बन रहा है द्वापर काल का ये खास योग, ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा

इस जन्माष्टमी बन रहा है द्वापर काल का ये खास योग, ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा

Soma Roy | Publish: Sep, 02 2018 12:36:14 PM (IST) दस का दम

नंद लाला का जन्मोत्सव इस बार कई मायनों में खास है। एक तरफ जहां ये दो दिनों के लिए मनाया जाएगा। वहीं इस बार द्वापर काल के समय बना योग दोबारा बन रहा है। दरअसल इस जन्माष्टमी सारे योग वहीं बन रहे हैं जो श्रीकृष्ण के जन्म के समय बने थे। तो क्या है ये संयोग और कैसे करें इसमें श्रीकृष्ण की पूजा आइए जानते हैं।

1.धार्मिक ग्रंथों के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म वृषभ लग्न की अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस जन्माष्टमी वहीं योग बन रहा है। इस कारण जन्माष्टमी 2 सितंबर को मनाई जाएगी। हालांकि वैष्णव मत के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 3 सितंबर को मनाया जाएगा।

2.उज्जैनी पंचांगों के अनुसार भाद्रपद की अष्टमी तिथि 2 सितंबर (रविवार) को रात 8.47 से अगले दिन 3 सितंबर (सोमवार) को शाम 7.19 बजे तक रहेगी। जबकि रोहिणी नक्षत्र रविवार रात 8.48 से सोमवार रात 8.04 बजे तक रहेगा। रविवार रात 10.36 से रात 12.35 बजे तक वृषभ लग्न रहेगा। श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि, वृषभ लग्न, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

3.जबकि वैष्णव मत के अनुसार 3 सितंबर को रात 8 बजे तक अमृतसिद्धि योग रहेगा। इसलिए जन्माष्टमी उदया तिथि में मनाई जाएगी।

4.इस दुर्लभ संयोग पर श्रीकृष्ण की आराधना से व्यक्ति के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन कान्हा की विशेष कृपा पाने के लिए ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्णं त्वामहं शरणं गत: मंत्र का 108 बार जप करें। इससे आपकी धन संबंधित समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

5.इस मंत्र को जपने के लिए स्फटिक की माला का प्रयोग करें। अगर आपके संतान नहीं है तो जन्माष्टमी के दिन कृष्ण के जन्म के बाद जपे गए इस मंत्र से जल्द ही आपकी ये इच्छा भी पूरी हो जाएगी।

6.संतान प्राप्ति के लिए आप संतानगोपाल मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। ये मंत्र जपते समय पीले रंग के आसन पर बैठे और मंत्रोच्चारण से पहले हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लें एवं मुरारी का ध्यान करें। इस तरीके से मंत्र पढ़ने पर आपको बाल गोपाल के समान पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी।

7.अगर आपको आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो आप जन्माष्टमी के दिन अपने हाथ में एक सुपारी, थोड़े चावल के दाने, एक पीला फूल और एक रुपए का सिक्का रखकर ओम भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें। इससे रुपयों की दिक्कत दूर हो जाएगी।

8.अगर आप नौकरी या बिजनेस में तरक्की पाना चाहते हैं तो कृष्ण जन्मोत्सव के समय लड्डू गोपाल की मूर्ति के सामने एक कटोरी में शुद्ध जल भरकर रखें। जबकि दूसरी कटोरी में माखन और मिश्री रखें। अब श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना कहे। इससे जल्द ही आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी।

9.श्रीकृष्ण अपने सिर पर मोर मुकुट धारण करते हैं। इसलिए इस दिन कन्हैया को मोर का मुकुट पहनाने एवं एक भोजपत्र में मोर पंख एवं केसर से श्रीकृष्ण का नाम लिखने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस भोजपत्र को अपने पूजा के स्थान पर रखने से घर में खुशहाली आती हैं

10.अगर घर में कलह रहती है या बच्चों से परेशान हैं तो इस जन्माष्टमी पति-पत्नी श्रीकृष्ण के किसी भी मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप शुरू करने से पहले नंद लाला की मूर्ति के सामने एक कटोरी में शुद्ध जल रखें। मंत्र की समाप्ति के बाद इस कटोरी में फूंक मारे। अब इस जल को किसी बोतल में भरकर रख लें और रोज थोड़ा-थोड़ा अपने बच्चे व परिवार के उस सदस्य को पिलाएं जिससे आप परेशान हैं।

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