60 साल में पहली बार गिर सकती है एशिया की ग्रोथ, भारतीय अर्थव्यवथा में 9 फीसदी की गिरावट का अनुमान

  • एडीबी की ओर से मंगलवार को जारी की गई एशियाई डेवलपमेंट आउटलुक 2020
  • एडीबी का अनुमान, वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में आएगा बड़ा उछाल

By: Saurabh Sharma

Updated: 15 Sep 2020, 07:49 PM IST

नई दिल्ली। एशियन डेवलपमेंट बैंक ने एशियाई डेवलपमेंट आउटलुक 2020 ( ADB Outlook 2020 ) में एशियाई इकोनॉमी को लेकर बड़ी रिपोर्ट जारी की है। मंगलवार यानी आज जारी हुई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 साल में पहली बार एशियाई इकोनॉमी में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था पर रिपोर्ट में एडीबी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में 9 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है, जो कि भारत के लिए बड़ा झटका है। आपको बता दें कि इस साल कोरोना वायरस की वजह से भारतीय इकोनॉमी जून तिमाही में 0 से करीब 23 फीसदी नीचे चली गई है। एशिया में भारतीय इकोनॉमी का एक अहम किरदार निभाती है। संभव है कि इंडियन इकोनॉमी में गिरावट की वजह से एशियाई इकोनॉमी में गिरावट का अनुमान लगाया गया हो।

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60 साल में पहली बार गिर सकती है एशिया की इकोनॉमी
एशियाई विकास बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस साल एशिया-पेसेफिक के 45 देशों में आर्थिक ग्रोथ में 0.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा 60 साल में पहली बार होने का अनुमान लगाया गया है। एडीबी की चीफ इकोनॉमिस्ट यसूयूकी सवादा ने कहा कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न आर्थिक खतरा प्रबल बना हुआ है, क्योंकि पहले की वेव का प्रकोप आने वाले दिनों और भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा विकासशील एशिया में मंदी पिछले संकटों की तुलना में अधिक व्यापक है। मौजूदा साल में इस क्षेत्र की तीन-चौथाई अर्थव्यवस्थाएं सिकुड़ गई हैं।

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भारतीय इकोनॉमी में 9 फीसदी की गिरावट
वहीं दूसरी ओर एशियाई विकास बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है। एडीबी के अनुसार भारत में कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इसका असर कंज्यूमर परसेप्शन पर भी देखने को मिला है। जिसकी वजह से चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में 9 फीसदी की गिरावट आएगी।

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भारत की इकोनॉमी अलगे वर्ष होगी इतनी
वहीं एडीबी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी का भी अनुमान लगाया है। एडीबी के अनुसार आवाजाही तथा कारोबारी गतिविधियां खुलने से अगले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर आठ फीसदी की तेजी देखने को मिलेगी। यसूयूकी सवादा ने कहा कि अगले वित्त वर्ष और उससे आगे अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए महामारी पर अंकुश के उपाय, जांच, निगरानी और इलाज की क्षमता का विस्तार महत्वपूर्ण है। इन उपायों को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने की जरूरत है, तभी अर्थव्यवस्था आगे उबर पाएगी।

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