इमरान खान के लिए बुरी खबर, चीन के लिए पाकिस्तान को नहीं मिलेगा कर्ज

अमरीकी सांसद ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान के लिए चीन का कर्जा चुकाने को आर्इएमएफ एक माकूल जगह नहीं है। चीन सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं बल्कि एशिया के कर्इ देशों को अपने कर्ज के जाल में उलझाया हुआ है।

By: Saurabh Sharma

Published: 18 Dec 2018, 01:21 PM IST

नर्इ दिल्ली। जब से इमरान खान पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम बने हैं, तब से पाकिस्तान आैर इमरान खान को मुसीबतों ने जकड़ा हुआ है। जहां एक आेर पाकिस्तान में महंगार्इ कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं दूसरी आेर पाकिस्तान पर चीन का कर्ज लौटाने का प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान को दूसरा झटका यह लगा है कि चीन को रुपया लौटाने के लिए पाकिस्तान ने जो आर्इएमएफ से कर्जा मांगा था वो खटार्इ में पड़ गया है। अमरीकी सांसद ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान के लिए चीन का कर्जा चुकाने को आर्इएमएफ एक माकूल जगह नहीं है। चीन सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं बल्कि एशिया के कर्इ देशों को अपने कर्ज के जाल में उलझाया हुआ है। आपको बता दें कि पाकिस्तान गंभीर भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए आईएमएफ से आठ अरब डॉलर का कर्ज चाहता है। कर्ज के बोझ की वजह से देश की अर्थव्यवस्था संकट में आ गई है।

अमरीका के पास आर्इएमएफ में वीटो का अधिकार
डेमोक्रेट सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा कि अमरीका को आईएमएफ में वीटो पाॅवर मिली हुर्इ है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को मदद में जो कटौती की है, उसके तत्काल बहाल होने की उम्मीद नहीं है। शेरमन ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान को आईएमएफ के कर्ज का मुद्दा ट्रंप प्रशासन के साथ उठाया था।

एेसे हुर्इ बात
नकदी की गंभीर समस्या से जूझ रहे पाकिस्तान ने वित्तीय संकट से निकलने के लिए आईएमएफ से आठ अरब डॉलर की सहायता मांगी है। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा है कि 20 नवंबर के बाद दोनों पक्षों ने गुरुवार को पहली बार संपर्क किया। 20 नवंबर को मुद्राकोष और पाकिस्तान सरकार के बीच पहली बार राहत पैकेज पर बात हुई थी।

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