सरकार को बड़ी राहत, जीएसटी कलेक्शन के बाद अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी

  • अक्टूबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की पीएमआई बढ़कर58.9पर पहुंची
  • सितंबर महीने की पीएमआई 56.8 के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर पर थी

By: Saurabh Sharma

Updated: 02 Nov 2020, 03:09 PM IST

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संभावित दूसरा आने से पहले देश की इकोनॉमी में हल्की तेजी देखने को मिल रही है। सरकार के लिए राहत की बात तो ये है कि जीएसटी कलेक्शन के बाद अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की पीएमआई में 59 के स्तर तक पहुंच गई है। जबकि पिछले महीने ही देश की मैन्युफैक्चरिंग की पीएमआई 10 महीने के उच्चतम स्मर पर पहुंच गई है। जानकारों की मानें तो जिस से तरह लॉकडाउन को खोला गया है उसके फायदे अब देखने को मिल रहे हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि मैन्युफैक्चरिंग की पीएमआई के किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में तेजी
लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियों के जोर पकडऩे के साथ ही त्योहारी सीजन के मद्देनजर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गयी है। इस वर्ष अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बढ़कर 58.9पर पहुंच गया। इससे पहले इस वर्ष सितंबर में भी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में जबरदस्त तेजी रही थी जब यह बढ़कर 56.8 पर पहुंच गया था जो मई 2010 के बाद का उच्चतम स्तर था।

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शून्य से 6 फीसदी नीचे रह सकती है जीडीपी
विश्लेषकों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद जिस तरह से मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में तेजी आ रही है उसका देखते हुए चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास दर शून्य से मात्र 6 फीसदी नीचे तक रह सकती है। हालांकि इससे पहले विश्लेषकों ने इसको 10 फीसदी से अधिक नीचे रहने का अनुमान व्यक्त कर रहे थे। उनका कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब धीरे धीरे पटरी पर लौट रही है और यह शीध्र ही तीव्र गति से बढऩे में सक्षम होगी।

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