GST बैठक के फैसले का कारोबारियों ने किया स्वागत, कहा सरकार ने दिए नरमी के संकेत

GST बैठक के फैसले का कारोबारियों ने किया स्वागत, कहा सरकार ने दिए नरमी के संकेत

Dimple Alawadhi | Publish: Jan, 10 2019 04:35:46 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल द्वारा जीएसटी में दी गई छूटों का स्वागत करते हुए कहा की यह इस बात का स्पष्ट संकेत है की सरकार छोटे व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने के प्रति सजग है।

नई दिल्ली। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल द्वारा जीएसटी में दी गई छूटों का स्वागत करते हुए कहा की यह इस बात का स्पष्ट संकेत है की सरकार छोटे व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने के प्रति सजग है और वास्तव में छोटे व्यापारियों के लिए कर प्रणाली को सरल करना चाहती है।


छोटे व्यापारियों को मिलेगी राहत

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने जीएसटी काउंसिल के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा की इन निर्णयों से निश्चित रूप से देश में बड़ी संख्यां में छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी और उनके सर से टैक्स की जटिलताओं का बोझ काम होगा। खंडेलवाल ने कहा की जीएसटी में छूट की सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी कर दायरे से बाहर हो सकते हैं जो एक अच्छा संकेत है। बेहद कम व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है।


20 लाख से अधिक व्यापारियों को मिलेगा फायदा

इसके साथ ही उन्होंने कहा की कंपोजिशन स्कीम की सीमा को 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए करने का निर्णय काफी समय से लंबित था और इस निर्णय से देश भर में लगभग 20 लाख से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा। वहीं दूसरी ओर अब ऐसे व्यापारियों को केवल वर्ष भर में एक ही रिटर्न भरनी होगी। इससे इनको कर पालना के जंजाल से मुक्ति मिलेगी यद्यपि कर की अदायगी हर तिमाही में करनी होगी जो की तर्क सांगत है।


10 लाख से अधिक छोटे सर्विस प्रदाताओं को मिलेगा लाभ

सर्विस सेक्टर के लिए कंपोजीशन स्कीम की सीमा 50 लाख रुपए रखने का निर्णय भी स्वागत योग्य है और इससे लगभग 10 लाख से अधिक छोटे सर्विस प्रदाताओं को लाभ मिलेगा। यह और भी तर्कसंगत है की इनको 6 फीसदी के कर स्लैब में रखा गया है।


अन्य विषयों पर सरकार का ध्यान जाना आवश्यक

श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की व्यापारियों के कुछ अन्य विषयों पर सरकार का ध्यान जाना बेहद आवश्यक है। इसमें व्यापारियों को समय से रिफंड मिलना, ऑटो पार्ट्स, एल्युमीनियम के बर्तन आदि पर कर की दर को कम करना तथा रिटर्न को मासिक की जगह तिमाही करना आदि शामिल है। इनपर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए और तुरंत इनका समाधान करना चाहिए।

 

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