जीएसटी जैसा एक आैर बड़ा रिफाॅर्म करने की तैयारी में सरकार, इतने करोड़ लोगों को होगा फायदा

जीएसटी जैसा एक आैर बड़ा रिफाॅर्म करने की तैयारी में सरकार, इतने करोड़ लोगों को होगा फायदा

Saurabh Sharma | Publish: Oct, 13 2018 03:06:14 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 03:12:59 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

केंद्र सरकार जल्द ही पूरे देश में समान स्टांप ड्यूटी करने की तैयारी में है, शीतकालीन सत्र में इसे ससंद में पास कराया जा सकता है।

नर्इ दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के बाद अब सरकार एक आैर बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्टॉक्स, डिबेंचर, प्राॅपर्टी सहित किसी फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के ट्रांसफर पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी को एक समाल करने की तैयारी की जा रही है। सरकार भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनस को बढ़ाने के लिए एेसा करने जा रही है। ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी ना हो आैर देश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो।

शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव हो सकता है पास
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस रिफाॅर्म के सभी प्रस्तावों को तैयार कर लिया है। साथी ही इसके लिए देश के सभी राज्यों ने अपनी सहमति भी जता दी है। संसद में आने वाले शीतकालीन सत्र इस बदलाव को पटल पर लाकर पारित कराया जा सकता है। इस बदलाव के बाद भी राज्यों के राजस्व पर बिल्कुल भी असर नहीं होगा।

पहले जीएसटी से रखा गया था बाहर
इससे पहले स्टैंप ड्यूटी को जीएसटी से बाहर रखा गया था। स्टांप ड्यूटी भूमि खरीद से जुड़े ट्रांजैक्शंस और डॉक्युमेंट्स पर लगाया जाता है। बिल्स ऑफ एक्सचेंज, चेक, लेडिंग बिल्स, लेटर्स ऑफ क्रेडिट, इंश्योरेंस पॉलिसीज, शेयर ट्रांसफर, इकरार-नामा जैसे वित्तीय साधनों पर स्टैंप ड्यूटी संसद से तय होता है। वहीं अन्य वित्तीय साधनों पर स्टैंप ड्यूटी राज्य तय करते हैं। अलग-अलग राज्यों में स्टैंप ड्यूटी की दरें अलग होने से लोग लेन देन एेसे राज्यों में करते हैं जहां स्टांप ड्यूटी कम होती है। सेबी ने राज्यों को पहले भी कहा था कि स्टैंप ड्यूटीज को एक समान बनाएं रखें या पूरी तरह से मुक्त कर दें।

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