आरबीआइ की इस छोटी सी गलती से पैदा हुआ नकदी का संकट

आरबीआइ की इस छोटी सी गलती से पैदा हुआ नकदी का संकट

Manoj Kumar | Publish: Apr, 17 2018 05:12:37 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 11:48:29 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

केंद्रीय बैंक की गलत नीतियों के कारण राज्यों के बीच में नकदी का वितरण सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इस कारण देश में नकदी का संकट पैदा हुआ है।

नई दिल्ली। देश में इस समय नकदी का भारी संकट बना हुआ है। एटीएम के साथ-साथ बैंकों में भी नकदी की समस्या बनी हुई है। लोगों के पास नकदी नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरुरतें पूरी करने के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है। नोटों की किल्लत के कारण लोगों को एक बार फिर नोटबंदी के दिनों की याद आ गई है। नोटों का यह संकट अचानक पैदा नहीं हुआ है। जानकारों के अनुसार नकदी का संकट पैदा होने के पीछे देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक की कुछ गलत नीतियां हैं। केंद्रीय बैंक की इन गलत नीतियों के कारण राज्यों के बीच में नकदी का वितरण सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इस कारण देश में नकदी का संकट पैदा हुआ है।

 

कहीं ज्यादा तो कहीं नोट ही नहीं

बैंक अधिकारियों के अनुसार रिजर्व बैंक की नीतियों के कारण देश में नकदी का संकट पैदा हुआ है। देश के प्रमुख निजी बैंक के एक बड़े अधिकारी के पत्रिका को बताया कि आरबीआइ के निदेर्शों के अनुसार यदि किसी बैंक के पास किसी एक राज्य में लिमिट से ज्यादा नकदी है तो सरप्लस नकदी को दूसरे राज्य में भेज सकता है। लेकिन फिलहाल आरबीआइ ने इस पर रोक लगा रखी है। इस कारण कई राज्यों में नकदी का संकट हो गया है। एेसा केवल एक बैंक ही नहीं बल्कि देश के बड़े बैंक भी इसी मुसीबत से जूझ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि आरबीआइ की इस रोक के कारण किसी राज्य में नकदी तय सीमा से ज्यादा है तो किसी राज्य में नकदी का भारी संकट पैदा हो गया है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने भी यह बात मानी है।

 

 

 

बैंकों को नहीं मिल रही जरुरत के अनुसार नकदी

वर्तमान में कैश करेंसी 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए हैं। लेकिन बैंकों को आरबीआइ से जरुरत के अनुसार नकदी नहीं मिल पा रही है। कई बड़े बैंकों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आरबीआइ से मांग के अनुसार एक चौथाई रकम ही बैंकों को मिल पा रही है। इस कारण डिमांड-सप्लाई में भारी अतंर आ गया है। बैंक के अधिकारी के अनुसार बैंक को दिल्ली जैसे शहर में रोजाना करीब 150 करोड़ रुपए की जरुरत होती है। लेकिन आरबीआइ की तरफ से एक हफ्ते में केवल 38 करोड़ ही मिल पा रहे हैं। देश के बड़े बैंक आइसीआइसीआइ बैंक, एसबीआइ, एक्सिस बैंक के भी कमोबेश एेसे ही हालात हैं। आइसीआइसीआइ बैंक को हर हफ्ते केवल 28 करोड़ की नकदी मिल पा रही है। वहीं एक्सिस बैंक को मिलने वाली रकम केवल 20 करोड़ की है।

नोटों की किल्लत के बहाने राहुल का मोदी पर हमला

उधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के कुछ राज्यों में बैंकों के एटीएम में पैसे नहीं होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने मंगलवार को कहा कि नोटबंदी का ‘आतंक’ एक बार फिर छा गया है और बैंकों के एटीएम खाली पड़े हैं। गांधी ने ट्वीट कर मोदी पर आरोप लगाया है कि बैंकिंग प्रणाली उनके नोटबंदी के निर्णय से हुए नुकसान से अभी तक जनता उबर नहीं पाई है। अब एटीएम खाली हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहुल ने लिखा कि समझो अब नोटबंदी का फरेब आपका पैसा नीरव मोदी की जेब मोदीजी की क्या ‘माल्या’ माया नोटबंदी का आतंक दोबारा छाया, देश के एटीएम सब फिर से खाली, बैंकों की क्या हालत कर डाली।

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