दूसरी राहत किस्त में प्रवासी मजदूरों पर सरकार हुई मेहरबान, रोजगार से लेकर अनाज तक की व्यवस्था

  • प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन, मनरेगा में रोजगार
  • लागू होगी वन नेशन वन राशन कार्ड योजना
  • 8 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा

By: Pragati Bajpai

Published: 14 May 2020, 07:09 PM IST

नई दिल्ली: लगातार दूसरे दिन आज मोदी सरकार ( MODI GOVT ) की तरफ से जनता को राहत पहुंचाने के लिए कुछ घोषणाएं की गई। आज की किस्त में उम्मीद थी कि सरकार किसान और मजदूरों के लिए घोषणाएं करेगी, हुआ भी वही सरकार ने आज आर्थिक पैकेज ( ECONOMIC RELIEF PACKAGE ) की दूसरी राहत किस्त में प्रवासी मजदूर और किसानों के लिए घोषणाएं की। किसानों के लिए घोषणाएं आगे भी होती रहेंगी लेकिन आज लगभग 1 घंटे तक चली प्रेस कांफ्रेंस ( FINANCE MINISTER PRESS CONFRENCE ) में प्रवासी मजदूरों ( MIGRANT LABOUR ) के लिए सरकार ने जी भरकर घोषणाएं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन घोषणाओं के जरिए प्रवासी मजदूरों के खाने-पीने से लेकर कमाने यानि रोजगार जैसी जरूरतों को पूरा किया।

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one nation one ration card scheme होगी लागू-

इन सभी घोषणाओं में one nation one ration card की योजना को मंजूरी दे दी गई। इसके माध्यम से अब कोई भी bpl कार्ड होल्डर नागरिक पूरे देश में किसी भी सरकारी राशन की दुकान से अपने लिए अनाज ले सकता है। निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह योजना सार्वजनिक वितरण से जुड़ी 83 फीसदी आबादी को कवर करेगी। वहीं 23 राज्यों में मौजूद 67 करोड़ राशनकार्ड धारक अगस्त, 2020 तक नेशनल पोर्टेबिलिटी के तहत आ जाएंगे।

MANREGA के तहत मिलेगा रोजगार-

दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बड़ी संख्या में अपने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों की सहायता करेगी। साथ ही प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत उन्ही के गृह राज्यों में काम दिया जाएगा। वित्त मंत्री ( finance minister ) ने ये भी बताया कि मनरेगा ( manrega ) के तहत 50 फीसदी तक रजिस्ट्रेशन बढ़ गया है। वित्त मंत्री ने दावा किया कि अभी तक सरकार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। और इसके जरिए 16 करोड़ से ज्यादा लोगो को रोजगार दिया जा चुका है।

सभी को मिलेगा मुफ्त अनाज-

इसके अलावा सरकार ने कार्ड न होने की स्थिति में भी फिलहाल सभी को अगले 2 महीने तक मुफ्त 5 किलो प्रति व्यक्ति चावल/गेहूं और 1 किलो चना दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 3500 करोड़ रूपए का आवंटन किया है और इसके जरिए 8 करोड़ गरीब लोगों को फायदा होगा ।

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