सरकार ने इस नेता की मानी बात तो 50 रुपए सस्ता हो जाएगा पेट्रोल, जानिए कैसे

  • संसद में लोकसभा सदस्य अप्पा बरणे ने शून्यकाल में उठाया था मामला
  • कहा, पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से सस्ता होगा फ्यूल

By: Saurabh Sharma

Updated: 15 Feb 2021, 03:28 PM IST

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमत आसमान पर पहुंच रही हैं। ट्रांसपोर्ट ऐसोसिएशन डीजल की कीमत को कंट्रोल करने के लिए पहले ही 14 दिनों का नोटिस दे चुकी है। वर्ना उन्होंने चक्का जाम करने की धमकी दी है। वहीं आने वाले दिनों में और भी विपक्षी पार्टियां भी इस मामले में आवास उठाने को तैयार है। वैसे करीब 3 दिन पहले संसद में इस मामले में बीजेपी के ही सांसद में शून्यकाल में पेट्रोल और डीजल की कीमत में तेजी पर सवाल उठाया था। इसके लिए उन्होंने एक तरीका भी बताया है। अगर सरकार इस पर अमल करती है तो पेट्रोल 50 रुपए और डीजल 45 रुपए तक सस्ता हो सकता है।

जीएसटी के दायरे में लाई जाएं कीमतें
भाजपा के सदस्य अप्पा बरणे ने शून्यकाल में कहा था कि पेट्रोलियम पदार्थों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इससे आम जनता को आसमान छूती कीमतों से राहत मिल सकती है। आपको बता दें कि बीते एक हफ्ते में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2 रुपए तक का इजाफा देखने को मिल चुका है। आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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आसमान छूती कीमतें
भाजपा के सदस्य अप्पा बरणे ने शून्यकाल में कहा था कि देश में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल थी, तब भी देश में पेट्रोल 65 रुपए के भाव पर बिकता था लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बहुत कम हैं लेकिन देश में पेट्रोल एवं डीजल के दाम 90 रुपए से ऊपर और कहीं कहीं सौ रुपए तक पहुंच गए हैं जिससे आम आदमी की जिन्दगी कठिन हो गयी है।

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50 रुपए तक सस्ता होगा पेट्रोल
उन्होंने कहा था कि देश में शोधित तेल की कीमत करीब 28 रुपए के आसपास है जबकि 62 रुपए से अधिक केन्द्र एवं राज्यों के कर एवं उपकर लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोल डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाना चाहिए ताकि देश में 50 रुपए के भाव पर पेट्रोल मिल सके और लोगों का जीवन आसान हो सके।

इन्होंने भी उठाई थी मांग
इससे पहले शिवसेना के विनायक राऊत ने भी यही मामला उठाते हुए कहा कि जिस तरह से पेट्रोल एवं डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, यह बहुत चिंता की बात है। आम आदमी महंगाई से परेशान है। वाहनों के चालन में दिक्कतें आ रहीं हैं। लोगों के घरेलू खर्च पर नियंत्रण रखना कठिन होता जा रहा है। सरकार को इन कीमतों को नियंत्रण में लाने के लिए समुचित कदम तत्काल उठाना चाहिए।

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