Service Class के लोगों को बड़ी राहत दे सकती है सरकार, दोगुनी हो सकती Minimum Pension

  • Coronavirus से निपटने के लिए सरकार बना रही है बड़ा प्लान
  • श्रम मंत्रालय Provident Fund को लेकर कंपनियों को दे सकती है राहत
  • नौकरी जाने और संस्थान बंद होने पर पीएफ प्रोसेस में नहीं होगी देरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के कारण देश की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है। जहां एक ओर सरकार बड़े-बड़े सेक्टर्स को राहत पैकेज मुहैया करा रही है। वहीं दूसरी ओर सर्विस क्लास ( Service Class ) को बड़ी राहत देने को लेकर भी काम किया जा रहा है। सरकार कामकाजी और रिटायर हो चुके लोगों दोनों को लेकर बड़े ऐलान कर सकती है।

जहां कोरोना वायरस के कारण कोई कंपनी बंद होती है तो कई लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। आजीविका भी खत्म होती है। ऐसे में माहौल में कर्मचारी के प्रोविडेंट फंड ( Provident Fund ) का रुपया जल्द देने का ऐलान हो सकता है। वहीं कोई कंपनी देर से पीएफ का अपना हिस्सा देर से जमा कराती है तो उस पर लगने वाली पैनल्टी को माफ किया जाएगा। वहीं पेशनर्स की न्यूनतम पेंशन को दोगुना करने का भी ऐलान हो सकता है।

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सर्विस क्लास के लिए हो सकते हैं बड़े ऐलान
कोरोना वायरस के इस खतरनाक माहौल कौन चपेट में आ जाए कुछ पता नहीं है। ऐसे सर्विस क्लास को राहत देना सरकार के लिए पहली प्रायरिटी दिखाई दे रही है। अगर कोई कर्मचारी बीमार होकर हॉस्पिटल में एडमिट होता है तो उसे तुरंत पीएफ से रुपया निकालने की मंजूरी दी जाएगी। वहीं नौकरी चले या फिर कंपनी ही बंद होने की स्थिति में पीएफ निकालने के प्रोसेस को आससान बनाया जाएगा। वास्तव में सरकार लोगों को संकट की स्थिति में खुद के रुपए खर्च का मौका देने का आसान जरिया दे रही है। ताकि इकोनॉमी में लिक्विडिटी बढ़े और जीडीपी का पहिया घूमे। वहीं अगर कोई कंपनी अपने प्रोविडेंट फंड का हिस्सा देर से जमा करता है तो उस पर किसी तरह का पैनल्टी नहीं लगाई जाएगी।

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न्यूनतम पेंशन दोगुना करने का विचार
वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन को 2000 रुपए तक करने का ऐलान भी हो सकता है। मौजूदा समय में न्यूनतम एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम की राशि 1,000 रुपए है। जिसके बढ़ाकर दो हजार करने पर विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार श्रम मंत्रालय की ओर से इन सभी मामलों में वर्कआउट कर लिया है। इन में कैबिनेट की मंजूरी जल्द ही मिलने की संभावना है।

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Saurabh Sharma Desk/Reporting
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