सितंबर तिमाही में विकास दर घटकर 4.3 फीसदी पर आ सकती है: DBS

  • मोदी सरकार के लिए एक और बुरी खबर
  • अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले और घट सकती है विकास दर की रफ्तार

नई दिल्ली। विकास दर के मोर्चे पर मोदी सरकार को एक और झटका लग सकता है। पहले से ही सुस्त होती इकोनॉमी ( Economy ) की मार झेल रही सरकार अब विकास दर में और कमी की संभावना जताई गई है। दरअसल सिंगापुर के डीबीएस बैंक ने सितंबर तिमाही में विकास दर में और गिरावट की संभावना जताई है। डीबीएस ( DBS )के मुताबिक दूसरी छमाही में भारत की विकास दर घटकर 4.3 फीसदी पर आ सकती है। इससे पहले यानी अप्रैल-जून तिमाही में भारत की विकास दर 5 फीसदी दर्ज की गई थी, जो बीते 6 साल का सबसे निचला स्तर था।

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क्यों हो सकती है गिरावट

दरअसल सरकार की ओर से जुलाई-सितंबर तिमाही की विकास दर के आकड़ें इसी हफ्ते जारी होने वाले हैं। ऐसे समय में डीबीएस ( DBS ) जैसे बड़े बैंक की गिरावट की संभावना सरकार के लिए चिंता का विषय है। डीबीएस ने गिरावट की संभावना के लिए कुछ कारण बताए हैं। बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक खपत और निजी क्षेत्र की सुस्ती अब भी जारी है। वही नई परियोजनाओं की बात करें तो यह भी अपने निचले स्तर पर है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के एक सर्वेक्षण के मुताबिक आय रोजगार की मौजूदा हालत चिंताजनक है, जिसके चलते उपभोक्ता का मनोबल काफी गिर चुका है।

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टैक्स के मोर्चे पर भी चिंता बरकरार

सरकार टैक्स कलेक्शन को लेकर लगातार नए प्रयास कर रही है। लेकिन आंकडों की बात करें तो इनडायरेक्ट और डायरेक्ट टैक्स की वसूली से कमी का संकेत दिख रहा है। वहीं सेक्टर्स की बात की जाएं तो लोक प्रशासन को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर्स में सुस्ती देखी जा रही है, जो सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

pm modi
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