जन्माष्टमी के दिन ये मंदिर कमाता है इतने करोड़ रुपए, हजारों लोग करते हैैं दान

जन्माष्टमी के दिन ये मंदिर कमाता है इतने करोड़ रुपए, हजारों लोग करते हैैं दान

Saurabh Sharma | Publish: Sep, 03 2018 07:38:04 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

दुनिया का सबसे बड़ा इस्काॅन अगर आप सोच रहे हैं कि दिल्ली, मथुरा या अमरीका में होगा तो आप गलत है। दुनिया का सबसे बड़ा इस्काॅन मंदिर बंगलूरू में हैं।

नर्इ दिल्ली। आज जन्माष्टमी का दिन है। देश के तमाम कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भीड़ आैर पूजा पाठ का दौर चल रहा है। लेकिन क्या आपको पता है देशभर के सभी मंदिर इस कितने धनवान बन जाते हैं? खासकर इस्काॅन टेंपल की बात करें तो एक दिन में भक्तों के चढ़ावे से इस्काॅन मंदिर करोड़ों रुपए अपने खजाने में भर लेते हैं। जिनसे वो बाद में कर्इ तरह के धार्मिक कार्य करते हैं। आइए आपको भी बताते हैं इस्काॅन समेत देश के प्रमुख कृष्ण मंदिर सालाना कितनी कमार्इ करते हैं…

दुनिया का सबसे बड़ा इस्काॅन मंदिर कमाता है इतने
दुनिया का सबसे बड़ा इस्काॅन अगर आप सोच रहे हैं कि दिल्ली, मथुरा या अमरीका में होगा तो आप गलत है। दुनिया का सबसे बड़ा इस्काॅन मंदिर बंगलूरू में हैं। जो एक पहाड़ी पर बना हुआ है। हर साल जन्माष्टमी में यहां पर हजारों लोग आते हैं। साथ ही आयोजन भी बड़े धूमधाम से होता है। अगर इस मंदिर की सालाना कमार्इ की बात करें तो 32 करोड़ रुपए से अधिक है। जिसमें दान के साथ डेली का चढ़ावा भी शामिल हैं। शायद ही दूसरे इस्काॅन टेंपल की सालाना कमार्इ इतनी हो। अगर वृंदावन के इस्काॅन मंदिर की सालाना कमार्इ की बात करें तो वो भी 3 करोड़ से ज्यादा नहीं है।

श्रीबांकेबिहारी मंदिर कमाता है इतने
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ही साल भर में 1,26,98,000 भक्त पहुंचते हैं। यूं तो हर रोज भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन हरियाली तीज, अक्षय तृतीय, नया साल, जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गुरुपूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और दीपावली पर तो कतारें लगी रहती हैं। भगवान को चढ़ावा भी खूब चढ़ता है। बांकेबिहारी मंदिर को साल भर में करीब 15 करोड़ का दान मिल जाता है। सोने और चांदी के आभूषण भी बड़ी संख्या में भक्त भगवान को अर्पित किए जाते हैं। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर पर भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। हर रोज मेला सा लगा रहता है। जन्मस्थान मंदिर पर साल भर में चढ़ावा 11 करोड़ के करीब बैठता है। दानघाटी मंदिर गोवर्धन को 6 करोड़ रूपए, मानसी गंगा मुखारबिंद को 5 करोड़, जतीपुरा मुखारबिंद को 3 करोड़, श्री राधारानी मंदिर बरसाना को सालाना 4 करोड़, श्री द्वारिकाधीश मंदिर को 85 लाख रुपए का सालाना चढ़ावा आता है।

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