वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में सिंगापुर ने मारी बाजी, भारत को लगा 10 पायदान का झटका

वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में सिंगापुर ने मारी बाजी, भारत को लगा 10 पायदान का झटका

Manish Ranjan | Updated: 09 Oct 2019, 04:01:33 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • भारतीय अर्थव्यवस्था को एक और झटका
  • ग्लोबल इंडेक्स में 10 पायदान पिसला
  • इकोनॉमी की गिरती हालत से चिंता

नई दिल्ली। वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा सूचकांक में भारत 10 पायदान नीचे लुढ़क गया है। देश की धीमी होती अर्थव्यवस्था के कारण भारत पिसलकर 68वें स्थान पर आ गया है। वहीं दूसरे देशों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। सबसे ज्यादा सुधार सिंगापुर में देखने को मिला है। सिंगापुर ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे प्रतिस्‍पर्धी अर्थव्‍यवस्‍था होने का गौरव हासिल किया है। जिनेवा में विश्व आर्थिक मंच के सालाना वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत पिछले साल 58वें स्थान पर था। आपको बता दें भारत इस साल ब्रिक्स देशों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में एक है।

क्यों फिसल रही भारत की दशा

आर्थिक स्थिरता तथा बाजार के आकार की बात करें तो इस मामले में भारत के हालात उतने बुरे भी नही हैं। लेकिन चूक की दर अधिक होने से बैंकिंग प्रणाली प्रभावित हुई है। सूचकांक के अनुसार, भारत का स्थान कंपनी संचालन के मामले में 15वां, शेयरधारक संचालन में दूसरा तथा बाजार आकार और अक्षय ऊर्जा नियमन में तीसरा रहा।

स्वास्थय क्षेत्र में भी फिसड्डी

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र की बात करें तो इसमें खराब स्थिति तथा स्वस्थ जीवन की संभावना की खराब दर ने कई क्षेत्रों में अच्छे प्रदर्शन के असर को सीमित कर दिया। स्वस्थय जीवन की संभावना के मामले में भारत का स्थान 109वां रहा। यह अफ्रीका के बाहर के देशों में सबसे खराब में से एक है। वहीं प्रतिस्पर्धिता की रैंकिंग में भारत के बाद श्रीलंका 84वें, बांग्लादेश 105वें, नेपाल 108वें और पाकिस्तान 110वें स्थान पर रहा।

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