इन्होंने किया दावा, 2019 में जीते पीएम मोदी तो होगा इतना बड़ा फायदा

मार्क का कहना है, "हालिया समय में भारतीय इक्विटी बाजार में बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है लेकिन विदेशी निवेशकों के लिए भारत में अभी बहुत मौके हैं।"

By: Ashutosh Verma

Published: 29 Oct 2018, 04:05 PM IST

नर्इ दिल्ली। माैजूदा समय में घरेलू वित्तीय बाजार तरलता की कमी से जूझ रहा है, इक्विटी बाजार में गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही विदेशी निवेशक भारत में पैसा लगाने से हिचक रहे हैं। लेकिन इसी बीच दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक मार्क मोबियस भारत में निवेश को लेकर साकारात्मक हैं। मार्क का कहना है, "हालिया समय में भारतीय इक्विटी बाजार में बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है लेकिन विदेशी निवेशकों के लिए भारत में अभी बहुत मौके हैं।"


आगामी चुनाव पर होगी निवेशकों की नजर

अपने जीवन के 8 दशक पार कर चुके इस निवेशक ने कहा, "भारत में कर्इ राज्य एक दूसरे से लगातार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह विदेशी निवशकों के लिए एक अच्छा व साकारात्मक संकेत है। उनके पास सबसे बेहतर रिटर्न वाले राज्यों में निवेश करने का मौका है।" बता दें कि 81 वर्षीय इस निवेशक ने फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन इन्वेस्टमेंट को छोड़कर जनवरी माह में 'माेबियस कैपिटल पार्टनर्स एलएलपी' नाम से खुद की कंपनी खोली है। ब्लूमबर्ग से बातचीत के दौरान मार्क ने कहा कि आने वाला चुनाव एक महत्वपूर्ण इवेंट होगा आैर इसपर दुनियाभर के निवेशकों की नजरें होंगी।

Mark Mobius

मोदी दोबारा पीएम बने तो होगा फायदा

मार्क का कहना है कि यदि नरेंद्र मोदी दोबारा भारत के प्रधानमंत्री बनते हैं ताे बाजार पर इसका साकारात्मक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक रिफाॅर्म के दौर से गुजर रहा है आैर एेसे में यदि मोदी के लिए सपोर्ट में कमी आती है तो इससे बाजार में गिरावट का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि बाजार में फौरी गिरावट के बाद भी मार्क स्टाॅक्स चुनने के लिहाज से अच्छे माैके को लेकर साकारात्मक हैं।


एनबीएफसी सेक्टर में भी तेजी के संकेत

गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को लेकर भी इस निवेशक का कहना है कि इसमें भी तेजी अाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि मार्क ने एक एेसे समय में ये बात कहा है जब इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) संकट की वजह से गैर-बैंकिंग उधारकर्ताआें को तरलता की कमी सता रही है। इससे वित्तीय बाजार में भी संकट की स्थिति पैदा हो गर्इ है। उनका कहना है कि एनबीएफसी सेक्टर में अभी भी असीम संभावनाएं हैं। आगे चलकर इस सेक्टर के मार्केट शेयर में वृद्धि होने की संभावना है।

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