MSMEs सेक्टर में होगी नौकरी की बरसात, निवेश के लिए 20 हजार करोड़ का लोन देगी मोदी सरकार

  • MSME सेक्टर के लिए मोदी सरकार का एक्शन प्लान
  • कैबिनेट ने लगाई मुहर
  • 20000 करोड़ तक के लोन को मिली मंजूरी

By: Pragati Bajpai

Published: 01 Jun 2020, 06:47 PM IST

नई दिल्ली: आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज ( ECONOMIC RELIEF PACKAGE ) की घोषणा की गई थी। उस पैकेज में vocal for local की बात कहते हुए सरकार ने देश के सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए कई सारे ऐलान किये थे। आज मोदी सरकार ने उन ऐलानों पर अपना एक्शन प्लान बताते हुए कैबिनेट मीटिंग में मुहर लगा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने आज इस सेक्टर के लिए CHAMPIONS यानि Creation and Harmonious Application of Modern Processes for Increasing the Output and National Strength की शुरूआत की। ये एक टेक्निकल प्लेटफार्म होगा जो छोटे उद्योगजगत की मदद करेगा।

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कैबिनेट मीटिंग में MSME, कुटीर व गृह उद्योगों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के कोलेट्रल फ्री ऑटोमेटिक लोन को मंजूरी दे दी गई है। 4 साल के लिए मिलने वाले इस लोन के लिए पहले साल किसी तरह का मूलधन नहीं चुकाना होगा। इसका लाभ लेने के लिए 100 करोड़ तक के टर्नओवर और 25 करोड़ रुपये तक के बकाया वाली बॉरोअर्स यूनिट योग्य मानी जाएंगी । इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2020 है।

इसके अलावा मोदी सरकार ने ऐसे MSME, कुटीर उद्योग जो इस वक्त संकट का सामना रहे हैं, उनके लिए 20,000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस्ड असेट फंड को भी मंजूरी दी जा रही है। उम्मीद है कि इससे लगभग इस सेक्टर की 2 लाख यूनिट्स को फायदा होगा।

उत्पन्न होंगी नौकरियां-

सरकार का माना है कि ये निवेश करने से इस उद्योग में निवेश आने पर न सिर्फ वर्तमान नौकरियों को बचाया जा सकता है बल्कि आने वाले वक्त में और भी नौकरियां उत्पन्न की जा सकती है।

इसके सरकार ने इस MSME को 50,000 करोड़ रुपये के इक्विटी इन्फ्यूजन की मंजूरी भी दे दी है। इससे अब ये कंपनियां पहली बार स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो सकेंगी । इसके लिए 10000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स सेटअप किया गया है ।

आपको मालूम हो कि सूक्ष्म, लघु और मध्याम उद्योग ( MICRO SMALL AND MEDIUM ENTERPRISES ) की मदद के लिए सरकार ( MODI GOVT ) ने इस सेक्टर की परिभाषा में परिवर्तन कर इनका दायरा बड़ा कर दिया है। इसके तहत अब 1 करोड़ तक का निवेश करने वाली और 5 करोड़ तक का कारोबार करने वाली मैन्युफैक्चरिंग व सर्विसेज यूनिट अब माइक्रो यूनिट कहलाएगी। 10 करोड़ निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार करने वाली अब स्मॉल और 20 करोड़ तक निवेश व 100 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली यूनिट मीडियम यूनिट कहलाएगी। आपको बता दें इस वक्त देश में 6 करोड़ msme हैं लेकिन आने वाले वक्त में इनकी संख्या में काफी इजाफा होगा।

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