कैशलेस भारत के लिए मोदी सरकार ने अब ये प्लान बनाया, जानिए क्या

manish ranjan

Publish: Sep, 01 2017 11:02:00 (IST)

Economy
कैशलेस भारत के लिए मोदी सरकार ने अब ये प्लान बनाया, जानिए क्या

 अब रेलवे और सरकारी परिवहन निगम की बसों सहित सभी सेवाओं के लिए जल्द ही डिजिटल पेमेंट किया जा सकेेगा।

 नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने कैशलेस भारत की योजना के लिए लगातार कई प्रयास कर रही। सरकार का मकसद भारत को कैशलेस सोसाइटी बनाना है जिससे की ज्यादा से ज्यादा व्यवासाय औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकें और काले धन पर लगाम भी लगाई जा सके। अपने इसी पहल को सरकार आगे बढ़ाने के लिए कई सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल पेमेंट अनिवार्य कर सकती हैं। अब रेलवे और सरकारी परिवहन निगम की बसों सहित सभी सेवाओं के लिए जल्द ही डिजिटल पेमेंट किया जा सकेेगा। फिलहाल सरकार सभी सरकारी सेवाओं ओर विभागों के लिए यही अनिवार्य करने क तरीके के बारे मे विचार कर रही है।


सरकार बना रही ऑनलाइन पेमेंट इंटीग्रेशन की योजना

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार BHIM App और भारत क्यूआर कोड जैसे पेमेंट के सरकारी उपायों के साथ इन सरकारी एजेंसीयों के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के ज्यादा इंटीग्रेशन की योजना भी बनाई जा रही है। डिजिटल पेेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार लोागों का इंसेंटिव भी देने के बारे में भी सोच रही है। बहुत मुमकिन है कि सरकार 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती पर कोई बड़ा अभियान शुरू कर सकती है, जिसे गणतंत्र दिवस तक चलाया जा सके। आधिकारी ने आगे बताया कि, देश मे होने वाले सभी ट्र्रांजैक्शन को हिस्सा सरकारी भुगतानों का होता है और यदि ये भुगतान डिजिटल पेमेंट से किया जाएगा तो देश में इलेक्ट्रॉनिका पेमेट्स की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।


पिछले हफ्ते एक समीक्षा बैठक में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों से 2 अक्टूबर के कैंपेन की शुरूआत करने का निर्देश दिया था। देश में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने का जिम्मा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालया को सौंपा गया है। डिजिटल पेमेंट से जुड़ी इंटर-मिनिस्ट्रियल कमिटी इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है।


रेलवे के अलावा इन सरकारी सेवाओं के लिए होगा डिजिटल पेमेंट

रेलवे बार्ड ने भी अपने सभी टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों को डिजिटल पेमेंट लेने लायक बनाने का निर्णय किया है। इस नए गाइडलाइंस के तहत भारत के लगभग 14 लाख काउंटरो पर डिजिटल पेमेंट के लिए क्यूआर कोड दिखेगा। रेलवे ने अपने टिकट काउंटरों पर आधे ट्रांजैक्शन को डिजिटल मोड मे लाने का लक्ष्य रखा है। आपको बता दें कि भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष लगभग 52,000 करोड़ रुपए का टिकट बेचता है और इसका 60 फीसदी हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल के जरिए आता हैं। रेलवे के अलावा पासपोर्ट ऑफिस, बस और मेट्रो टिकट काउंटरों को भारत क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट्स लेने का कहा जा सकता है। इसके साथ ही बिजली और पानयी के बिल पर एक प्रमुख विकल्प के रूप में भारत क्यूआर कोड छापा जाएगा।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned