लोकसभा चुनाव से पहले मोदी की सियासी चाल, वोटर्स को लुभाने के लिए खोला पिटारा

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी की सियासी चाल, वोटर्स को लुभाने के लिए खोला पिटारा

| Updated: 12 Jan 2019, 11:15:14 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

लोकसभा चुनाव निकट हैं। ऐसे में हर पार्टी वोटर्स को लुभाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। बीते दिनों बीजेपी (BJP) ने भी इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। किसानों की मदद से लेकर नौकरी में आरक्षण देने तक भारतीय जनता पार्टी ने अनेक प्रयास किए हैं।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव निकट हैं। ऐसे में हर पार्टी वोटर्स को लुभाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। बीते दिनों बीजेपी (BJP) ने भी इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। 2018 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत के बाद बीजेपी वोटर्स को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। किसानों की मदद से लेकर नौकरी में आरक्षण देने तक भारतीय जनता पार्टी ने अनेक प्रयास किए हैं। आइए जानते हैं बीजेपी द्वारा की गई अहम घोषणाओं के बारे में।


सवर्णों को आरक्षण

हाल ही में मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी का आरक्षण देने का फैसला किया है। इससे समाज के हर वर्ग को आगे आने का मौका मिलेगा। सरकार ये आरक्षण उन सवर्णों को देगी जिनकी सालाना आय आठ लाख रुपए से कम है। मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति (SC) को 15 फीसदी, अनुसूचित जनजाति (ST) को 7.5 फीसदी और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है।


किसानों को बड़ी राहत

भारत में किसानों की दिक्कतों का मुद्दा लंबे समय से चलता आ रहा है। किसानों की मदद करने का वादा हर पार्टी करती है। मोदी सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाए हैं। किसानों को राहत पैकेज के लिए पीएम मोदी तीन विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि फसल की कम कीमतों के कारण नुकसान झेल रहे किसानों की मदद की जा सके। किसानों को प्रत्यक्ष भुगतान, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर फसल बेचने वाले किसानों को मुआवजा और ऋण माफी पर मोदी सरकार कई अहम कदम उठा सकती है।


व्यापारियों को सौगात

10 जनवरी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसीटी) काउंसिल की हुई बैठक में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत दी गई। सरकार द्वारा 40 लाख रुपए तक की सालाना बिक्री करने वाले व्यापारों को जीएसटी से छूट दी जाएगी। ये बदलाव एक अप्रैल से प्रभावी होगा। इससे पहले 40 लाख रुपए तक की सालाना बिक्री करने वालों को ही छूट मिलती थी।


ई-कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव

ई-कॉमर्स सेक्टर की बात करें तो खुदरा और अन्य छोटे कारोबारियों की शिकायतों के बाद मोदी सरकार ने 26 दिसंबर को इनके लिए भी एक बड़ी घोषणा की थी। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को उन फर्म्स के उत्पादों को बेचने से प्रतिबंधित कर दिया है जिसमें संबंधित कंपनी की हिस्सेदारी है। इससे अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां प्रभावित होंगी। ये नियम एक फरवरी से लागू होगा।


टैक्स के मोर्चे पर बड़ा फैसला

सिर्फ किसानों, सवर्णों और ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए ही नहीं बल्कि टैक्स के मोर्चे पर भी मोदी सरकार ने अहम घोषणा की है, जिसके बाद 20 से ज्यादा वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। आम लोगों को राहत देते हुए 22 दिसंबर को रोजमर्रा के कई उत्पादों पर लगने वाले सेल्स टैक्स में कटौती की गई थी। सरकार के इस फैसले से मध्यवर्ग और कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।


प्याज किसानों को दोगुना इंसेटिव

28 दिसंबर को मोदी सरकार ने एक और बड़ी घोषणा की थी। सरकार ने प्याज का निर्यात करने वाले किसानों को मिलने वाले इंसेटिव को दोगुना कर दिया है। हालांकि इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है। इससे पहले किसानों को 5 फीसद तक का इंसेटिव दिया जाता था जिसे बढ़ाकर 10 फीसद कर दिया गया है।

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