राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, धोखधड़ी पर रोक लगाने के लिए सरकार लागू करेगी 'डी-डुप्लीकेशन'

राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, धोखधड़ी पर रोक लगाने के लिए सरकार लागू करेगी 'डी-डुप्लीकेशन'

Shivani Sharma | Updated: 12 Oct 2019, 12:56:53 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • देश में लगभग 23.30 करोड़ राशन कार्ड हैं
  • धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार का नया प्लान

नई दिल्ली। आधार कार्ड और राशन कार्ड को लेकर देश में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार इसके सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस समय केंद्र सरकार एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रही है, जिसमें राशन कार्ड को जारी करने से पहेल उसे डी-डुप्लीकेशन किया जाएगा। उसके बाद ही इसको जारी किया जाएगा। इस प्रणाली में सरकार नेशनल लेवल पर कार्ड की जांच करेगी।


जांच के बाद जारी होंगे राशन कार्ड

आपको बता दें कि ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली’ में बढ़ती धांधलेबाजी को रोकने के लिए सरकार ने इस प्रणाली को अपनाने का विचार किया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव रविकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि एक बार इस प्रणाली के लागू हो जाने के बाद नेशनल लेवल पर सभी राशन कार्ड की जांच की जाएगी और उसके बाद ही नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। फिलहाल इस समय भी कई क्षेत्र में इस तरह की जांच की जा रही है।


धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

मोदी सरकार का यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके बाद देश में बढ़ती धोखाधड़ी पर रोक लगाई जाएगी। सरकार का आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक करने का भी यही कारण था। सरकार ने कहा कि उन्होंने फर्जी राशन कार्ड को हटाने के लिए ही आधार नंबर से लिंक कराया है। आपको बता दें कि देश में लगभग 23.30 करोड़ राशन कार्ड हैं, जिनमें से 85 फीसदी लाभार्थियों को आधार नंबर के साथ जोड़ा गया है।


मंत्रालय ने दी जानकारी

खाद्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में डिजटलीकरण के बढ़ने के बाद साल 2018 तक 2.98 करोड़ राशन कार्ड को रद्द किया गया है। इन राशन कार्ड को रद्द करने के बाद राशन की धांधली में काफी कमी आई है।


इतने लोग उठा रहे फायदा

इस समय देश में खाद्यान्न का लाभ उठाने वाले व्यक्तियों की संख्या 81.35 करोड़ है। इसके साथ ही 79.66 करोड़ रुपये की पहचान 3 सितंबर, 2019 को लाभार्थियों के रूप में की गई। इन लोगों को भी जल्द ही एनएफएसए का लाभ दिया जाएगा।

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