अफगानिस्‍तान के जरिए भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, पड़ोसी मुल्क को हुआ इतना बड़ा घाटा

  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 350 अरब रुपए का द्विपक्षीय व्‍यापार होता था
  • लेकिन अब दोनों पड़ोसी मुल्क में महज डेढ़ अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्‍यापार हुआ है
  • दोनों देशों के व्यापार में जो गिरावट दर्ज हुई है, उसमें भारत का बड़ा हाथ है

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Published: 10 Mar 2019, 11:27 AM IST

नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के शोक में पूरा भारत गमगीन है। भारत सरकार की ओर शुरू किया गया एशियन ट्रेड वॉर जारी है। पुलवामा अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान से MFN का दर्जा भी छीन लिया था। इतना ही नहीं, पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए पड़ोसी मुल्क से भारत आने वाले सभी सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर तत्काल प्रभाव से 200 फीसदी भी कर दिया गया था। अब भारत ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने ऐसी चाल चली है कि उसे अफगानिस्‍तान से तगड़ा झटका मिल गया है।

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भारत ने किया ये काम

एक समय था जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 350 अरब रुपए का द्विपक्षीय व्‍यापार होता था। लेकिन अब दोनों पड़ोसी मुल्क में महज डेढ़ अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्‍यापार हुआ है। दोनों देशों के व्यापार में जो गिरावट दर्ज हुई है, उसमें भारत का बड़ा हाथ है। आपको बता दें कि चारों तरफ से जमीन से घिरे अफगानिस्‍तान तक सीधी पहुंच देने में पाकिस्‍तान आनाकानी करता था। लेकिन भारत ने ईरान के रास्‍ते अफगानिस्‍तान सामान भेजने का फैसला किया और ईरान के चाबहार पोर्ट में अरबों रुपए का निवेश किया। इतना ही नहीं, भारत ने ईरान से अफगानिस्‍तान तक सड़क मार्ग का भी निर्माण कराया। भारत के इस कदम से पाकिस्‍तान को तगड़ा झटका लगा है और इससे उसके राजस्‍व में भी काफी कमी आई है।

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भारत और अफगानिस्तान के बीच हुआ इतने का व्यापार

पिछले दिनों भारत ने चाबहार पोर्ट के जरिए अफगानिस्तान को 1.1 मिलियन टन गेहूं और 2000 टन मसूर की दाल निर्यात किया था। दोनों देशों ने 2017 में एयर कॉरिडोर स्थापित किया था। अफगानिस्तान ने भी पिछले महीने ईरानी पोर्ट के जरिए भारत को निर्यात की शुरुआत की थी। अफगानिस्‍तान अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बना रहा है। उसने 57 टन ड्राई फ्रूट्स, टैक्सटाइल्स, कार्पेट और मिनरल प्रॉडक्ट्स लेकर 23 ट्रकों को पश्चिमी अफगान शहर जारंज से ईरान चाबहार पोर्ट के लिए रवाना किया गया था। यह खेप जहाज के जरिए मुंबई पहुंची थी। 2018 में अफगान का भारत को निर्यात 51800 मिलियन रुपए का था और यह उसका सबसे बड़ा निर्यात केंद्र है।


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