इकोनॉमी और महंगाई को लेकर आरबीआई गवर्नर की ओर से कही गई बड़ी बात, जानिए क्या कहा

  • वित्त वर्ष 2022 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान 10.5 फीसदी पर लगाया
  • चौथी तिमाही के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान किया रिवाइज, 5.2 फीसदी किया

By: Saurabh Sharma

Updated: 05 Feb 2021, 11:53 AM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट 4 फीसदी पर स्थिर रखने की घोषणा की। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक मैं लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए दास ने कहा कि देश की आर्थिक विकास की संभावनाओं में काफी सुधार हुआ है और महंगाई दर 6 फीसदी के नीचे आई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आर्थिक विकास और महंगाई को लेकर क्या कहा।

10.5 फीसदी का लगाया अनुमान
आरबीआई की एमपीसी में वित्त वर्ष 2022 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान 10.5 फीसदी लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.8 फीसदी से रिवाइज कर दिया है। अब अनुमानित दर 5.2 फीसदी लगाई है। शक्तिकांत दास ने कहा कि दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की पूरी क्षमता का उपयोग 63.3 फीसदी तक बेहतर हो चुका है। जबकि हालिया महीनों में एफडीआई और विदेशी संस्थागत निवेश इजाफा देखने को मिला है।

टॉलरेंस लेवल पर आई महंगाई
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में खुदरा महंगाई दर के अनुमान को रिवाइज कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार नई अनुमानित दर 5 से 5.2 फीसदी कर दिया है। पहले इस अनुमान को 4.6-5.2 फीसदी पर रखा था। आरबीआई गवर्नर के अनुसार महंगाई दर 6 फीसदी के टॉलरेंस लेवल पर आ चुकी है। आर्थिक विकास का अनुमान पहले से बेहतर देखने को मिल रहा है। ऐसे में एमपीसी का मानना है कि मौजूदा समय में ग्रोथ को सपोर्ट करना जरूरी है।

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रेपो और रिवर्स रेट में कोई बदलाव नहीं
आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की एमपीसी ने रेपो और रिवर्स रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के अनुसार रेपो रेट 4 फीसदी है, जो ऐतिहासिक रूप से कम है। आखिरी बार रेपो और रिवर्स रेपो में 22 मई 2020 को बदलाव किया गया था। कोरोना वायरस के कारण इसमें बदलाव आरबीआई बैठक के बिना ही किया गया था। बीते एक साल में आरबीआई रेपो रेट में कुल 1.15 फीसदी की कटौती की है। जानकारों की मानें तो आर्थिक विकास बढ़ाने से ज्यादा जरूरी है। इसलिए रेपो दर बढ़ाए जाने की उम्मीद नहीं है।

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