देश की GDP में जीरो से नीचे 24 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट, जानिए क्या हैं आकंड़े

  • जीडीपी ग्रोथ रेट माइनस 23.9 फीसदी, पिछले 40 साल में अब तक की सबसे खराब ग्रोथ रेट
  • वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की दर 3.1 फीसदी थी

By: Saurabh Sharma

Published: 31 Aug 2020, 07:43 PM IST

नई दिल्ली। चालू वित्तवर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 फीसदी की गिरावट रही। कोरोना महामारी से देश की आर्थिक विकास पर भारी असर हुआ है। यह बात सोमवार को जारी चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधिकारिक आंकड़ों से जाहिर होती है। जानकारों की मानें तो सरकार की ओर जो आंकड़ें जारी किए हैं वो 40 साल में सबसे बद्तर हैं।

करीब 24 फीसदी गिरी जीडीपी
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी जीडीपी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्थिर मूल्य (2011-12) के आधार पर चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी 26.90 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि बीते वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में जीडीपी 26.90 लाख करोड़ रुपए था। इस प्रकार जीडीपी में आलोच्य तिमाही में 23.9 फीसदी का संकुचन रहा जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 5.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

जीवीए में करीब 23 फीसदी की गिरावट
वहीं, वर्तमान मूल्य पर 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी 38.08 लाख करोड़ रुपए रहा जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 49.18 लाख करोड़ रुपए था, जोकि 22.6 फीसदी के संकुचन को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की दर 3.1 फीसदी थी। वहीं, एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक ग्रोस वैल्यू एडेड 22.8 फीसदी की गिरावट आई है।

राजकोषीय घाटा बढ़ा
नेशनल स्टैटिकल ऑफिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जुलाई में भारत का राजकोषीय घाटा 8.21 लाख करोड़ रुपए हो गया है। जबकि पिछले साल समान अवधि में 5.47 लाख करोड़ रुपए था। पहली तिमाही में कुल राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 103.1 फीसदी तक पहुंचा। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के अनुसार इस तिमाही में 8 कोर इंडस्ट्रीज का कम्बाइंड इंडेक्स 119.9 रहा। पिछले साल के मुकाबले 9.6 फीयदी की कमी आई। मिनिस्ट्री की ओर जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कोर इंडस्ट्रीज का ग्रोथ माइनस 20.5 फीसदी था।

किस सेक्टर में कितनी ग्रोथ
- वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में होटल इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट -47 फीसदी।
- इंडस्ट्रियल सेक्टर में जीडीपी ग्रोथ रेट माइनस 38.1 फीसदी रही।
- सर्विसेज सेक्टर में आर्थिक विकीस की दर -20.6 फीसदी दर्ज की गई।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें तो इसमें जीडीपी की दर माइनस 39.3 फीसदी रही।
- एग्रीकल्चर सेक्टर रहा पॉजिटिव में रहा। कोरोना काल में इस सेक्टर का ग्रोथ रेट 3.4 फीसदी रहा।
- माइनिंग में -23.3 फीसदी की ग्रोथ रेट रही।
- पावर एंड गैस में -7 फीसदी की ग्रोथ रेट देखने को मिली।
- पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में -10.3 फीसदी ग्रोथ रेट देखी गई।
- कंस्ट्रक्शन सेक्टर मे सर्वाधिक -50.3 फीसदी देखने को मिली।
- रियल एस्टेट में -5.3 फीसदी की ग्रोथ रेट देखने को मिली है।

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