किसी युद्ध से ज्यादा महंगा है कोरोना को हराना, खर्च होंगें करोड़ों अरब रुपए

कोरोना से जंग में कितना रुपया खर्च होगा इसका अभी पूरी तरह से अनुमान नहीं लगाया जा सका है। लेकिन अब तक कोरोना की वजह से हुए नुकसान और राहत पैकजों को मद्देनजर रखते हुए ये जरूर कहा जा सकता है कि कोरोना से जंग किसी युद्ध से कम नहीं होगी ।

नई दिल्ली: कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल चुकी है अब तक लाखों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। अब तक इस वायरस की वजह से लाकों करोड़ों रुपए स्वाहा हो चुके हैं । वहीं खबरों की मानें तो कोरोना से जंग में कितना रुपया खर्च होगा इसका अभी पूरी तरह से अनुमान नहीं लगाया जा सका है। लेकिन अब तक कोरोना की वजह से हुए नुकसान और राहत पैकजों को मद्देनजर रखते हुए ये जरूर कहा जा सकता है कि कोरोना से जंग किसी युद्ध से कम नहीं होगी ।

PM Kisan Maandhan Yojana में निवेश कर किसानों को मिलेगी 3000 रुपए की मंथली Income, जानें क्या है इसके नियम

कोरोना ने कैंसिल कराए ये इवेंट- कोरोना की वजह से इंटरनेशनल लेवल के फेसबुक डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस, मोबाइल वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस, गूगल डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस और आसियान समिट, जेनेवा इंटरनेशनल मोटर शो और 2020 मेट गाला जैसे कई इवेंट्स कैंसिल हो चुके हैं।

खर्चीला है कोरोना को रोकना-

कोरोना से निपटने के लिए अमेरिका समेत न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंग्डम देशों की सरकारों ने राहत पैकेज का ऐलान किया है। अमेरिका ने 1.2 ट्रिलियन डॉलर देने की घोषणा की है. बता दें अमेरिका ने सबसे ज्यादा राहत पैकेज का ऐलान किया है. वहीं, न्यूजीलैंड ने 1.21 अरब न्यूजीलैंड डॉलर की घोषणा की है. इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम ने 330 अरब पाउंड, स्पेन ने 100 अरब यूरो और फ्रांस ने 300 अरब यूरो का ऐलान किया है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि द्वितीय विश्व युद्ध के मार्शल प्लान के लिए लगभग 13.3 अरब डॉलर खर्च करने का ऐलान किया गया था वहीं 2008 फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान 450 अरब डॉलर की रकम का राहत पैकेज दिया गया था। यानि राहत पैकेज राशि को देखकर इतना जरूर कह सकते हैं कि महामारी की शक्ल में आय कोरोना किसी युद्ध से कम नहीं है।

भारत सरकार से मदद की दरकार- कोरोना वायरस के चलते भरतीय अर्थव्यवस्था की हालत भई खराब है । हालांकि सरकार ने अभी तक किसी तरह के राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया है लेकिन अमेरिका की तर्ज पर भारत भी यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) के जरिए अर्थव्यवस्था में जान फूंकने पर विचार कर रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने अपनी नागरिकों को 1000 डॉलर के चेक देने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी प्रस्ताव को कांग्रेस से मंजूरी मिलनी बाकी है।

coronavirus
Pragati Bajpai Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned