कोरोना से 6 महीने लेट हुआ सेशन, स्टूडेंट्स पर होगा ये असर

कोविड-19 के चलते स्कूल, कॉलेजों की रेगुलर स्टडीज के साथ-साथ प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है।

By: सुनील शर्मा

Published: 07 Jul 2020, 09:40 AM IST

कोरोना वायरस के चलते शिक्षण सत्र लगभग छह महीने पीछे हो चुका है। अमूमन अप्रैल से जुलाई के बीच शुरू होने वाला शैक्षणिक सत्र इस बार अक्टूबर से लेकर दिसम्बर तक शुरू हो सकता है।

हालांकि, स्कूली कक्षाओं में नया सत्र शुरू होने में परेशानी नहीं आई है। वहां ऑनलाइन क्लासेज भी शुरू हो गई हैं, लेकिन एमबीबीएस, इंजीनियरिंग सहित यूजी-पीजी के कोर्सेज शुरू नहीं हो सके हैं।

दरअसल, कोरोना के चलते UPSC की परीक्षा से लेकर NEET, JEE, CLAT आदि परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन परीक्षाओं को लगातार स्थगित कर रहा है। इसके चलते पिछले एक साल से तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं। सत्र के करीब छह महीने पिछड़ने पर छात्र-छात्राएं इस सत्र को जीरो सेशन घोषित करने की भी मांग कर रहे हैं।

कॉलेजों में नए प्रवेश की जानकारी नहीं
राज्य सरकार ने छात्रों को यूजी-पीजी में प्रमोट करने का फैसला कर लिया है, छात्र-छात्राएं यूजी के प्रथम वर्ष व पीजी पूर्वार्द्ध में प्रवेश कब लेंगे, यह अभी तक तय नहीं किया गया है। राज्य सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार कर रही हैं। गाइडलाइन आने के बाद छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाएगा। उसके बाद ही पीजी में प्रवेश हो सकेंगे।

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सुनील शर्मा
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