अब IIMC के स्टूडेंट्स ने फीस वृद्धि के खिलाफ उठाई आवाज

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (JNU) में हॉस्टल फीस वृद्धि (hostel fees hike) के खिलाफ प्रदर्शन की आंच अब भारतीय जनसंचार संस्थान (Indian Institute of Mass Communication) (आईआईएमसी) (IIMC) में भी पहुंच गई है। संस्थान के स्टूडेंट्स ने फीस वृद्धि के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि संस्थान प्रबंधन उनके मुद्दों पर आंखें मूंदे बैठा हुआ है।

Jamil Ahmed Khan

December, 0407:37 PM

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (JNU) में हॉस्टल फीस वृद्धि (hostel fees hike) के खिलाफ प्रदर्शन की आंच अब भारतीय जनसंचार संस्थान (Indian Institute of Mass Communication) (आईआईएमसी) (IIMC) में भी पहुंच गई है। संस्थान के स्टूडेंट्स ने फीस वृद्धि के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि संस्थान प्रबंधन उनके मुद्दों पर आंखें मूंदे बैठा हुआ है। आईआईएमसी के छात्रों ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा है कि उन्होंने फीस वृद्धि को कम करने के लिए प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए स्टूडेंट्स को विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है।

आईआईएमसी में रेडियो एवं टीवी पत्रकारिता के छात्र हृषिकेश ने कहा, 'पिछले एक सप्ताह से हम बातचीत के जरिए अपने मुद्दों के समाधान की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन हमारे मुद्दों पर यह कहते हुए आंखें मूंद रहा है कि शुल्क संरचना में बदलाव करना उनके दायरे से बाहर है। इसके बाद अब विरोध प्रदर्शन ही एकमात्र विकल्प है। संस्थान में रेडियो एवं टीवी पत्रकारिता के कोर्स के लिए फीस 1,68,500 रुपये है। इसके अलावा विज्ञापन एवं पीआर पाठ्यक्रम के लिए फीस 1,31,500 रुपए है।

हिंदी पत्रकारिता के लिए फीस 95,500 रुपए है और अंग्रेजी पत्रकारिता के लिए भी समान फीस है। यहां उर्दू पत्रकारिता के लिए 55,500 रुपए शुल्क है। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल और मेस का शुल्क लड़कियों के लिए लगभग 6,500 रुपए और पुरुषों के लिए 4,800 रुपये प्रति माह पड़ता है। फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को संस्थान परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। आईआईएमसी छात्रों ने यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में किया है, जब जेएनयू पहले से ही हॉस्टल शुल्क में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अब देशभर में केंद्र द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में छात्रावास के बढ़ते शुल्क पर सभी का ध्यान केंद्रित है।

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जमील खान
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