प्रद्युम्न हत्या की होगी सीबीआई जांच: खट्टर

Jameel Khan

Publish: Sep, 17 2017 08:34:34 (IST)

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प्रद्युम्न हत्या की होगी सीबीआई जांच: खट्टर

खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, हत्या की जांच जो हरियाणा पुलिस कर रही है, वह अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी।

गुरुग्राम/चंडीगढ़/मुंबई। सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर के परिजनों की मांग को मानते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कहा कि सीबीआई इस बर्बर हत्याकांड की जांच करेगी। खट्टर ने यह भी घोषणा की कि गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल को तीन महीने के लिए सरकार के अधीन रखा जाएगा। प्रद्युम्न यहीं पढ़ता था। प्रद्युम्न के शोकसंतप्त परिवार से मिलने के बाद भावुक खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, हत्या की जांच जो हरियाणा पुलिस कर रही है, वह अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा की स्कूल तीन महीने तक गुरुग्राम प्रशासन के अधीन रहेगा और इस दौरान स्कूल से संबंधित मामलों की देखरेख उपायुक्त करेंगे। कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की आठ सितंबर को बाथरूम में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। बस के एक कंडक्टर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार (42) को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस का कहना है कि कुमार ने बच्चे का शोषण करने की कोशिश की,जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी।

प्रद्युम्न के पिता द्वारा शुक्रवार सुबह स्कूल छोडऩे के एक घंटे बाद ही उसे स्कूल बाथरूम के अंदर मृत पाया गया था। इस घटना के बाद पूरे देश में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा राष्ट्रीय मुद्दा बन गई और कई राज्यों में रेयान स्कूल के बाहर अभिभावकों और लोगों ने प्रदर्शन किए।

 

रेयान ट्रस्टियों को जेल भेजा जाना चाहिए : एनजीओ
छात्रों के हक की लड़ाई लड़ रहे एक गैर लाभकारी संगठन मिथिला लोक फाउंडेशन ने शुक्रवार को कहा कि उदाहरण पेश करने के लिए रेयान ट्रस्टियों को जेल भेजा जाना जरूरी है। बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को रेयान ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मिथिला लोक फाउंडेशन के अध्यक्ष बीरबल झा ने बताया कि कानूनी दल रेयान ट्रस्टियों की जमानत याचिका का विरोध करने के लिए नई दिल्ली और चंडीगढ़ में तैयार हैं। ट्रस्टी यहां अपनी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं। झा सात वर्षीय प्रद्युम्न के माता-पिता को उसकी हत्या के मामले में कानूनी सहायता पहुंचा रहे हैं।

झा ने बताया, बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार शाम पांच बजे तक ट्रस्टियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी, इसलिए ये लोग राहत के लिए उच्चतम न्यायालय या चंडीगढ़ उच्च न्यायालय जा सकते हैं। उन्होंने कहा, हमारे वकील दोनों न्यायालय में मौजूद हैं। हम उदाहरण पेश करने के लिए ट्रस्टियों को जेल में भेजने का पूरा प्रयास करेंगे।

बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने आदेश में रेयान ट्रस्टियों अगस्टीन एफ पिंटो, उनकी पत्नी ग्रेस और पुत्र रेयान को रात नौ बजे तक अपने पासपोर्ट मुंबई पुलिस के समक्ष जमा कराने के लिए कहा था और ऐसा न करने पर उन्हें शुक्रवार शाम पांच बजे तक गिरफ्तारी पर लगी रोक समाप्त हो जाती। इसके बाद ट्रस्टियों ने मुंबई पुलिस के पास अपने पासपोर्ट जमा करा दिए थे।

मासूम प्रद्युम्र की हत्या के बाद पूरा देश जब स्कूल की सुरक्षा और अमानवीय प्रवृत्ति को लेकर उबल रहा था उसी समय पिंटो परिवार रेयान पिंटो की शादी की तैयारी में व्यस्त था। रेयान की गत वर्ष दिसंबर में एक गायिका से भव्य समारोह में सगाई हुई थी।

स्कूल सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी अगस्टीन एफ पिंटो अल्जाइमर समेत कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। वहीं स्वतंत्र कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रस्टियों की जमानत याचिका मंजूर नहीं किए जाने की स्थिति में इन लोगों को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा या इनकी गिरफ्तारी होगी।

बंबई उच्च न्यायालय में पीडि़त बच्चे के पिता वरुण चंद्र ठाकुर के वकील सुशील कुमार टेकरीवाल और ममता टेकरीवाल के अलावा पेरेंट्स ग्रुप फॉर स्टूडेंट वेलफेयर के वकील मनोज ढल और द अंबेडकर स्टूडेंट्स एशोसिएशन के वकील ने रेयान के ट्रस्टी की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया था।

इस सप्ताह की शुरुआत में, हरियाणा पुलिस की एक टीम ने कांदिवली स्थित स्कूल मुख्यालय में कई कर्मचारियों और प्रबंधकों से पूछताछ की और कई दस्तावेजों एवं रिकार्ड की छानबीन की थी।

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