CBSE बोर्ड ने स्कूलों से मांगा 15 साल की उम्र के बच्चों का डेटा, मिलेगी रैंकिंग

CBSE बोर्ड ने स्कूलों से मांगा 15 साल की उम्र के बच्चों का डेटा, मिलेगी रैंकिंग

Sunil Sharma | Publish: Apr, 23 2019 05:59:56 PM (IST) शिक्षा

बोर्ड ने हाल ही में स्कूलों को एक लैटर भेजा है, जिसके तहत बोर्ड ने बच्चों का डेटा मांगा है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वहीं इंडियन एजुकेशन और स्टूडेंट्स दुनियाभर में कहां अपना स्थान रखते हैं, इसकी भी परख होना जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने हाल ही देशभर के सभी केन्द्रीय और नवोदय स्कूलों में एक लैटर भेजा है, जिसके तहत बोर्ड ने 15 साल की उम्र के बच्चों का डेटा मांगा है। दरअसल बोर्ड ने यह जानकारी प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स असेसमेंट के तहत मांगी है, इस के तहत वल्र्ड लेवल पर एजुकेशन क्वालिटी का इवैल्यूएशन किया जाएगा।

बोर्ड ने यह जानकारी दी है कि 2021 में वर्ल्ड लेवल पर होने वाले एजुकेशन असेसमेंट प्रोग्राम में हिस्सा लेने का फैसला एमएचआरडी ने किया है। इसके तहत यह जानकारी सभी केवीज और नवोदय स्कूलों से मंगवाई जा रही है। जानकारों का कहना है कि पीसा प्रोग्राम के तहत इंडियन एजुकेशन सिस्टम का वर्ल्ड लेवल पर रैकिंग भी तय होगी।

बोर्ड से ओर से जारी लैटर में यह जानकारी दी है कि केन्द्रीय स्कूलों को उन बच्चों का डेटा भेजना है, जिनका जन्म एक फरवरी 2004 से 31 जनवरी 2006 तक अंतराल में हुआ हो। स्कूलों को यह डेटा 22 अप्रेल तक ऑनलाइन सब्मिट करना है। बोर्ड ने चंडीगढ़ के स्कूलों से भी डेटा मांगा है।

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