डीबीएटीयू के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में डिजाइन शिक्षा अनिवार्य

डीबीएटीयू के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में डिजाइन शिक्षा अनिवार्य

Kamal Singh Rajpoot | Publish: Sep, 12 2018 07:35:53 PM (IST) शिक्षा

डीबीएटीयू ने 2017 में नामांकन कराने वाले छात्रों के सत्र से ही प्रोडक्ट डिजाइन कोर्स को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय किया।

डिजाइन थिंकिंग की नींव पर विकसित शिक्षा प्रणाली बनाने के उद्देश्य के साथ डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर टैक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीबीएटीयू) ने कहा कि उससे संबद्ध सभी 78 इंजीनियरिंग कॉलेजों में डिजाइन शिक्षा अनिवार्य होगी। विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में डिजाइन शिक्षा को अनिवार्य करने वाला संभवत: देश का पहला प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है। इससे महाराष्ट्र के 78 इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की दूसरे वर्ष की पढ़ाई करने वाले करीब 7000 छात्र लाभान्वित होंगे। अन्य शाखाओं (स्ट्रीम) में यह पाठ्यक्रम वैकल्पिक होगा।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत 2017 में गठित उद्योग के प्रतिनिधियों ऑटोडेस्क, नैसकॉम और सैक्टर स्किल्स काउंसिल के सदस्यों वाली एक विषेशज्ञ समिति ने इंजीनियरिंग की शिक्षा में डिजाइन केंद्रित फाउंडेशन पाठ्यक्रमों को शामिल करने की सिफारिश की थी।

डीबीएटीयू ने 2017 में नामांकन कराने वाले छात्रों के सत्र से ही प्रोडक्ट डिजाइन कोर्स को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय किया। डीबीएटीयू द्वारा शुरू किए गए प्रोडक्ट डिजाइन इंजीनियरिंग कोर्स को नैसकॉम उद्योग संगठनों द्वारा प्रमाणित किया गया है और इसे 3डी डिजाइन टैक्नोलॉजी में दुनिया की अग्रणी कंपनी ऑटोडेस्क द्वारा विकसित किया गया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वी. जी. गायकर ने कहा, प्रोडक्ट डिजाइन इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रामों को शुरू करने से इंजीनियरिंग के स्नातक छात्रों में व्यापक मूल्यवर्धन होगा। हमारा मानना है कि यह पाठ्यक्रम नए उपकरणों और प्रौद्योगिकियों को सीखने और इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों में बहुलतावादी संस्कृति विकसित करने के साझा लक्ष्यों की दिशा में मदद करेगा।

भारत एवं सार्क में ऑटोडेस्क के प्रबंध निदेशक प्रदीप नायर ने कहा, "उत्पादन में ऑटोमेशन के बढ़ते चलन, इंटर-कनेक्टेड डिजिटल सिस्टम, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की परिपक्वता और मशीन लर्निग ने सभी उद्योगों में हमारे काम करने के तरीके में व्यापक बदलाव लाया है। हमारा मानना है कि भविष्य में रोजगार की कमी नहीं होगी बल्कि कौशल का अभाव होगा। सीखना अहम चीज है और यही वजह है कि हमें ऑटोडेस्क और शिक्षा संसाधनों तक मुफ्त पहुंच के माध्यम से दुनिया भर के छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग करने पर गर्व है।"

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