DUSU चुनाव : अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई का कब्जा

Jameel Khan

Publish: Sep, 13 2017 06:08:00 (IST)

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DUSU चुनाव : अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई का कब्जा

रॉकी तुसीद DUSUके नए अध्यक्ष व कुनाल सेहरावत उपाध्यक्ष चुने गए हैं। दोनों NSUI से हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के चुनाव के बुधवार को आए नतीजों में कांग्रेस की छात्रा शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का पद पर जीत हासिल कर ली है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध ABVP ने सचिव व संयुक्त सचिव पदों पर कब्जा जमाया है। अधिकारियों ने पहले कहा था कि एनएसयूआई की झोली में तीन सीटें गई हैं।

रॉकी तुसीद डूसू के नए अध्यक्ष व कुनाल सेहरावत उपाध्यक्ष चुने गए हैं। दोनों एनएसयूआई से हैं। एबीवीपी की महामेधा नागर व उमा शंकर ने क्रमश: सचिव व संयुक्त सचिव पदों पर जीत हासिल की है।

तुसीद ने 16, 299 वोट हासिल करके एबीवीपी के रजत चौधरी को 1,590 वोटों से हराया है। वहीं, सेहरावत 16, 431 वोट प्राप्त कर पार्थ राणा को केवल 175 वोटों से मात देने में कामयाब रहे। नागर को 17,156 वोट मिले हैं। उन्होंने 2, 264 वोटों से जीत हासिल की, जबकि शंकर ने 16,691 वोट हासिल करके अपने प्रतिद्वंद्वी को 342 वोटों से मात दी है।

डुसू चुनाव में भी युवाओं ने मोदी को नकारा : कांग्रेस
कांग्रेस ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) चुनाव में अपनी छात्र इकाई राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए बुधवार को कहा कि इस चुनाव परिणाम से स्पष्ट हो गया है कि देश का युवा अब प्रधानमंत्रनरेंद्र मोदी के अच्छे दिनों की हकीकत को समझ चुका है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चुनाव परिणाम आने के तत्काल बाद ट्वीट किया राजस्थान, पंजाब और अब दिल्ली के छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस-एनएसयूआई की जीत ने साबित किया है की देश का युवा मोदीजी के अच्छे दिन के झूठे वादों को नकार चुका है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने भी ट्वीट करके डूसू चुनाव में अपनी पार्टी की छात्र इकाई की जीत पर छात्रों को बधाई दी। गौरतलब है कि कई वर्षों के बाद दिल्ली विश्व विद्यालय छात्र संगठन चुनाव में एनएसयूआई ने अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया है।

अपने जीत के कम अंतर के बारे में पूछे जाने पर उपाध्यक्ष सेहरावत ने आईएएनएस से कहा, जीत जीत होती है। जीत के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता। एनएसयूआई ने संयुक्त सचिव पद के लिए वोटों की दोबारा गिनती की मांग की है। डूसू के चुनाव मंगलवार को हुए थे। पिछले साल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने कब्जा जमाया था।

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