स्कूल शिक्षा में लड़कियां बाजी मार रही, लेकिन उच्च शिक्षा में पिछड़ रही : राष्ट्रपति कोविंद

स्कूल शिक्षा में लड़कियां बाजी मार रही, लेकिन उच्च शिक्षा में पिछड़ रही : राष्ट्रपति कोविंद

Jamil Ahmed Khan | Publish: Apr, 09 2019 01:18:36 PM (IST) शिक्षा

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उच्च शिक्षा में लड़कियों की कम भागीदारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देश एवं समाज से इस कमी को दूर करने का आह्वान किया है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उच्च शिक्षा में लड़कियों की कम भागीदारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देश एवं समाज से इस कमी को दूर करने का आह्वान किया है। कोविंद ने सोमवार को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय रैंकिंग 2019 की घोषणा करते हुए यह बात कही। उन्होंने 10 श्रेणियों में टॉप करने वाले संस्थानों को ट्राफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह अजीब विडंबना है कि स्कूल की परीक्षाओं में तो लड़कियां लड़कों से बाजी मार लेती हैं, लेकिन उच्च शिक्षा में विशेषकर शीर्ष संस्थानों में उनका दाखिला कम होता है। वह देश भर में दीक्षांत समारोहों में भाग लेते हैं और उन्होंने पाया है कि लड़कियां टॉपर की सूची और मेडल पाने वालों में अग्रणी रहती हैं, लेकिन कई परिवार वाले अपनी लड़कियों को उच्च शिक्षा में दाखिला नहीं दिलाते, इस कमी को दूर करने के लिए देश और समाज को सोचने की जरूरत है।

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि देश ने उच्च शिक्षा में विस्तार किया है और गुणवत्ता को बढ़ाया है। इस रैंकिंग से संस्थानों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा शुरू हुई है और एक माहौल बना है, शोध अनुसंधान को बढ़ावा मिला है। रैंकिंग के मानकों में लैंगिक समानता वंचित वर्ग को स्थान देने तथा दिव्यांगों की सुविधा को भी शामिल किया किया गया है और छात्रों तथा अभिभावकों को पढ़ाई के लिए बेहतर विकल्प चुनने का अवसर प्राप्त हुआ है। राष्ट्रपति ने रैंकिंग प्रणाली की सफलता के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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