Good News: सरकार ने कसी नकेल, इंजीनियरिंग कॉलेजों की अब नहीं चलेगी मनमानी

शुल्क निर्धारण समिति ने प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में छात्रों द्वारा सालाना दिए जाने वाले शुल्क का निर्धारण कर दिया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में अधिकतम फीस 77 हजार रुपए रखी गई है।

By: Jitendra Rangey

Published: 18 Feb 2020, 11:40 AM IST

राज्यस्तरीय शुल्क निर्धारण समिति ने प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में (State Level Fee Determination Committee technical institutes of the state) वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में छात्रों द्वारा सालाना दिए जाने वाले शुल्क का निर्धारण कर दिया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों (Engineering colleges) में अधिकतम फीस 77 हजार रुपए रखी गई है। इसमें शिक्षण और विकास शुल्क शामिल है। इसके अतिरिक्त किसी भी शुल्क को केपीटिशन शुल्क (Capitation fee) मानकर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में केवल दो कॉलेज जोधपुर का जीत इंजीनियरिंग कॉलेज और जयपुर का स्वामी केशवानंद कॉलेज में 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वृद्धि की गई है। दोनों कॉलेज नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन (एनबीए) से मान्यता प्राप्त होने के कारण छात्रों से करीब 90 हजार रुपए वार्षिक ले सकेंगे। वर्ष 2020-21 में फीस निर्धारण के लिए सभी कॉलेज एक बार फिर से समिति के पास जाएंगे। गौरतलब है कि सरकार ने फीस निर्धारण के लिए जस्टिस पीके तिवारी समिति गठित की।

किसकी-कितनी फीस
समिति ने 53 इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस उनके खर्चे के अनुसार तय की है। इसमें से 25 कॉलेजों की फीस 77 हजार रुपए सालाना और एक दर्जन कॉलेजों की 70 हजार रुपए सालाना है। सर्वाधिक कम फीस जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की 61000 रुपए है। एमबीए के लिए 25 कॉलेजों की फीस न्यूनतम 47826 से लेकर 60500 और एमसीए करवाने वाले 11 कॉलेज की फीस न्यूनतम 50 हजार से लेकर 60500 निर्धारित की गई है।

7500 कॉशन मनी, लौटानी होगी
सालाना शुल्क में शिक्षण शुल्क, विकास शुल्क, परीक्षा शुल्क, पंजीयन शुल्क (Tuition fee, Development fee, Examination fee, Registration fee) इत्यादि शामिल है। इसके अलावा कॉलेज प्रत्येक छात्र से 7500 रुपए कॉशन मनी (Cochin money) के तौर पर ले सकेंगे, जिसे साल के अंत में कॉलेज द्वारा छात्रों को वापस लौटाना होगा। एनबीए से मान्यता प्राप्त दो तिहाई पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेज 20 फीसदी अधिक फीस ले सकेंगे।

डॉ. राकेश कोठारी, रजिस्ट्रार, जीत कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूशन्स

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