आने वाले सालों में जीवन कौशल व मूल्य आधारित शिक्षा मिलेगी : जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किताबें अच्छा नागरिक बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

By: जमील खान

Updated: 07 Jun 2018, 03:07 PM IST

केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि आने वाले सालों में स्कूलों में छात्रों को सिर्फ अकादमिक ही नहीं बल्कि जीवन कौशल व 'अनुभव आधारित शिक्षा' देने पर जोर होगा। एनजीओ फाउंडेशन फॉर रेस्टोरेशन ऑफ नेशनल वैल्यूज (एफआरएनवी) के 10वें स्थापना दिवस पर मंत्री ने कहा कि किताबें अच्छा नागरिक बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यह परिवार की भी जिम्मे दारी है कि वह बच्चों में नागरिक की भावना पैदा करे।

एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, हमारे देश में पढ़े लिखे अशिक्षितों की कोई कमी नहीं है...जीवन कौशल व रचनात्मक सोच की शिक्षा कहां है? उन्होंने कहा कि जब मंत्रालय ने सीखने के अंतर के पीछे के कारणों को जानना चाहा तो यह पाया कि बच्चे पहले ही पाठ्य क्रम के बोझ से लदे हैं और उनके पास किसी दूसरी चीज के लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे सही करने के लिए सरकार ने पाठ्यक्रम को आधा करने का निर्णय लिया है।

एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, आने वाले साल व उसके आगे वाले साल में पाठ्य क्रम को आधा करेंगे। हमें पहले ही माता-पिता, शिक्षकों व दूसरे जान कारों के इस पर 37,000 सुझाव मिल चुके हैं। हम एक पाठ्य क्रम तैयार कर रहे हैं, जिममें मूल्य आधारित शिक्षा, अनुभव से जुड़ी शिक्षा व जीवन कौशल शिक्षा शामिल होगी।

एफआरएनवी के अध्यक्ष ई.श्रीधरन ने जिक्र किया कि कुछ मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों के अलावा 80 फीसदी सरकारी स्कूलों में मॉडल शिक्षा जैसी कोई बात नहीं है। श्रीधरन ने कहा, हमने सरकार से एक पाठ्य क्रम तैयार करने के लिए आग्रह किया जिससे बच्चों को इस देश के मूल्यों को स्कूलों में कम से कम एक या दो घंटे बताया जा सके। मेट्रो मैन श्रीधरन वर्त मान में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुख्य सलाह कार हैं।

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