भारतीय छात्र अमरीका नहीं ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में पढ़ना चाहते हैं, जानें क्यों

यूके यूनिवर्सिटी में पढऩे का क्रेज बढ़ा, चाइना के बाद भारतीय स्टूडेंट्स को यूके यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा स्टडी वीजा मिले, भारतीय स्टूडेंट्स को स्टडी वीजा जारी करने में 93 प्रतिशत बढ़ोतरी

By: सुनील शर्मा

Published: 01 Mar 2020, 05:59 PM IST

यूके यूनिवर्सिटी में पढऩे के मामले में भारतीय स्टूडेंट्स ने यूएसए, हांगकांग जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया हैं। यूके यूनिवर्सिटी में पढऩे के लिए चाइना के बाद सबसे ज्यादा स्टडी वीजा भारतीय स्टूडेंट्स को मिले हैं। यहां स्टडी वीजा के लिए भारतीय स्टूडेंट्स में 93 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई हैं।

ब्रिटेन इमिग्रेशन स्टैटिक्स डेटा के अनुसार यूके यूनिवर्सिटी में 37 हजार 500 भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। इसमें कुल 37,540 स्टूडेंट्स को टायर 4 (स्टडी) वीजा वर्ष 2019 में मिला। वहीं वर्ष 2018 में यह संख्या 19,479 थी। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 में 57,199 टायर 2 (स्किल्ड वर्क) वीजा जारी किए गए। इसमें गत वर्ष के तुलना 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।

ब्रिटिश हाई कमिशन के अनुसार इंडियंस स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई करने वाले फॉस्टेस्ट ग्रोइंग नेशनेल्टी है। आठ सालों बाद इतनी बड़़ी संख्या में वीजा इशू किया गया। वर्ष 2016 के बाद से यह ट्रेंड लगातार जारी है। वहीं ग्लोबल लेवल पर बात की जाए तो स्किलड़ वर्क वीजा पचास प्रतिशत से ज्यादा इंडिया को दिए गए।

यूएस से आगे है भारतीय स्टूडेंट्स
इंडिया के बाद यूएसए को सबसे ज्यादा टायर टू वीजा मिले हैं। वर्ष 2019 में यूके ने 113,958 टायर टू वीजा जारी किए। इसके अलावा यूके भारतीय हॉली डे मेकर्स के लिए एक पॉपुलर डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। इस वर्ष भारतीय टूरिस्ट में भी गत वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत टूरिस्ट की बढ़ोत्तरी देखने को मिली हैं। टूरिस्ट की संख्या यूके में 5 लाख 15 हजार को पार कर गई हैं। डायरेक्टर ब्रिटिश काउंसिल की डॉयरेक्टर बारबारा विकहम के अनुसार इंडियन स्टूडेन्टस में ब्रिटिश को ट्रस्ट करते देखना बहुत अच्छा लगता है। यह दोनों देशों के लिए ही बहुत उपयोगी है।

स्किल्ड लेबर में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी
भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यूके में भारतीय स्टूडेंट्स व स्किल्ड लेबर की संख्या में जंप आया है। इसका प्रमुख कारण जीआइआर की घोषणा है। इसके तहत पोस्ट स्टडी परमिट वर्ष 2021 से दिए जाएंगे। इसके अलावा अमरीका की तुलना में यूके में सस्ती शिक्षा का होना है। इधर स्टूडेंट्स का मानना है कि यूके के टॉप इंस्टिट्यूट्स में कोर्स रिसर्च बेस्ट होते हैं।

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सुनील शर्मा
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